Rewari Municipal Election/Rewari News रेवाड़ी । हरियाणा की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महासचिव सुचित्रा देवी ने रेवाड़ी नगर परिषद के चेयरमैन पद के लिए अपनी दावेदारी का औपचारिक ऐलान कर दिया। सुचित्रा देवी ने एक वीडियो संदेश के जरिए कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर प्रहार करते हुए उन्हें न केवल भ्रष्ट, बल्कि महिला विरोधी भी करार दिया है। सुचित्रा की इस एंट्री ने उन पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया है, जब उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पर टिकट बेचने के सनसनीखेज आरोप लगाए थे। Suchitra Devi Rewari Chairman Election
वीडियो में तीखे तेवर: “कांग्रेस ने महिलाओं का हक छीना”
सुचित्रा देवी ने करीब सवा मिनट का एक वीडियो जारी कर अपनी भावी रणनीति साझा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि, जिस कांग्रेस ने महिला आरक्षण की बात की, उसी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले बिल को बीच में ही रोक दिया। सुचित्रा ने खुद को एक शहीद की बेटी और रेवाड़ी की मिट्टी से जुड़ी हुई बताते हुए कहा कि, अब वह अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगी और किसी के भरोसे नहीं बैठेंगी। उन्होंने रेवाड़ी नगर परिषद के अध्यक्ष पद के अनुसूचित जाति (SC) महिला के लिए आरक्षित होने को अपनी सेवा का एक माध्यम बताया है। Congress Corruption Allegations Rewari, Rewari Nagar Parishad Election 2026
करोड़ों का वो पुराना टिकट कांड: 10 जनपथ तक पहुंची थी आंच
सुचित्रा देवी का यह चुनावी दांव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि उनका पुराना इतिहास पार्टी के लिए काफी असहज रहा है। 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान सुचित्रा ने बावल सीट से टिकट की दावेदारी की थी। उस समय उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल, के. सुरेश और पीए शादाब अहमद खान जैसे बड़े नामों पर टिकट के बदले करोड़ों रुपये मांगने के आरोप लगाए थे। उनके पति गौरव सिंह ने इस मामले की लिखित शिकायत दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में भी दर्ज कराई थी। हालांकि, कांग्रेस ने हमेशा इन आरोपों को मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया था। Suchitra Devi vs KC Venugopal, Haryana Politics News
शहीद की बेटी का कार्ड और सियासी समीकरण
रेवाड़ी में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए सुचित्रा देवी ‘शहीद की बेटी’ और ‘स्थानीय महिला’ होने का इमोशनल कार्ड खेल रही हैं। उनका तर्क है कि, जब पार्टी के भीतर ही महिलाओं का शोषण और भ्रष्टाचार हो रहा हो, तो वे जनता की सेवा कैसे करेंगे? उनके इस कदम से कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार निहारिका चौधरी और अन्य विरोधियों के लिए वोटों का गणित बिगड़ सकता है।