19 May ka itihas/Today in History Hindi News नई दिल्ली । इतिहास के पन्नों में 19 मई की तारीख एक ऐसी दास्तां बयां करती है, जहां एक ओर आधुनिक भारत के औद्योगिक विकास की नींव रखने वाले जमशेदजी टाटा की विदाई हुई, वहीं दूसरी ओर 1857 की क्रांति के महानायक नाना साहेब का जन्म हुआ। यह दिन हमें विज्ञान के थर्मामीटर से लेकर अंतरिक्ष में मंगल की यात्रा तक की याद दिलाता है। 19 मई का इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह उन संघर्षों और आविष्कारों की कहानी है, जिन्होंने दुनिया का चेहरा बदल दिया। आइए, विस्तार से जानते हैं आज की उन प्रमुख घटनाओं को जिन्होंने भारत और विश्व इतिहास पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। Jamshedji Tata death anniversary, Nana Saheb Birthday, Neelam Sanjiva Reddy, Today in History Hindi News, Nathuram Godse Birthday.
भारतीय उद्योग के पितामह: जमशेदजी टाटा का निधन (1904)
19 मई 1904 को भारत के महान उद्योगपति और टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा का जर्मनी में निधन हुआ था। उन्हें ‘भारतीय उद्योग का पितामह’ कहा जाता है।
एक विजनरी लीडर
जमशेदजी टाटा ने उस दौर में औद्योगिक भारत का सपना देखा था जब देश अंग्रेजों की गुलामी में था। उन्होंने केवल पैसे कमाने के लिए व्यापार नहीं किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए टाटा स्टील, ताज महल पैलेस होटल और टाटा पावर जैसे संस्थानों की कल्पना की। उनका मानना था कि भारत तभी समृद्ध होगा जब वह विज्ञान और उद्योग में आत्मनिर्भर होगा। आज का टाटा साम्राज्य उनकी उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
1857 के क्रांतिकारी: नाना साहेब का जन्म (1824)
19 मई 1824 को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख शिल्पकार नाना साहेब (धोंडू पंत) का जन्म हुआ था। वे मराठा साम्राज्य के अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे।
क्रांति की मशाल
जब अंग्रेजों ने नाना साहेब की पेंशन बंद कर दी, तो उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत हार मानने के बजाय अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया। 1857 के संग्राम में उन्होंने कानपुर का नेतृत्व किया और अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया। उनके शौर्य और कूटनीति ने पूरे देश के क्रांतिकारियों में जोश भर दिया था।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति: नीलम संजीव रेड्डी (1913)
आज ही के दिन 1913 में भारत के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी का जन्म हुआ था। वे भारतीय राजनीति के एक ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और राष्ट्रपति जैसे पदों की शोभा बढ़ाई।
एकमात्र निर्विरोध राष्ट्रपति
नीलम संजीव रेड्डी के नाम भारतीय इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड है। वे देश के एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति थे जो निर्विरोध (Uncontested) चुने गए थे। उनकी सादगी और निष्पक्षता की आज भी मिसाल दी जाती है।
महात्मा गांधी के हत्यारे: नाथूराम गोडसे का जन्म (1910)
इतिहास के काले पन्नों में 19 मई 1910 की तारीख नाथूराम गोडसे के जन्म के रूप में दर्ज है। गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह एक ऐसी घटना थी जिसने पूरे विश्व को स्तब्ध कर दिया था। गोडसे का जन्म पुणे में हुआ था और वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
विश्व इतिहास: इंग्लैंड की रानी से लेकर अंतरिक्ष की जंग तक
19 मई की वैश्विक घटनाएं हमें राजतंत्र के क्रूर चेहरे और विज्ञान की प्रगति, दोनों की झलक दिखाती हैं।
1. रानी ऐनी बोलिन की मौत (1536)
इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम की दूसरी पत्नी, ऐनी बोलिन को आज ही के दिन व्यभिचार और राजद्रोह के आरोपों में मौत के घाट उतार दिया गया था। यह घटना ट्यूडर राजवंश के इतिहास की सबसे विवादित घटनाओं में से एक मानी जाती है।
2. थर्मामीटर का डिजाइन (1743)
विज्ञान के क्षेत्र में आज का दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि 1743 में फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी जीन-पियरे क्रिस्टिन ने सेंटिग्रेट थर्मामीटर (सेल्सियस पैमाने) का डिजाइन प्रकाशित किया था। इसने तापमान मापने की पद्धति को सरल और सटीक बना दिया।
3. न्यूमेटिक हैमर का आविष्कार (1892)
अमेरिकी इंजीनियर चार्ल्स ब्रैडी किंग ने 1892 में आज ही के दिन न्यूमेटिक हैमर (हवा के दबाव से चलने वाला हथौड़ा) का आविष्कार किया था, जिसने निर्माण और माइनिंग के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
4. सोवियत संघ का मार्स मिशन (1971)
अंतरिक्ष की होड़ में 19 मई 1971 को सोवियत संघ ने ‘मार्स 2’ अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया था। हालांकि यह मंगल की सतह पर लैंड करते समय क्रैश हो गया, लेकिन यह मंगल ग्रह के वातावरण को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम था।
मल्कम एक्स: मानवाधिकारों की बुलंद आवाज (1925)
19 मई 1925 को अमेरिका के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता मल्कम एक्स का जन्म हुआ था। उन्होंने अमेरिका में अश्वेतों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनकी प्रखर वक्ता शैली और नस्लवाद के खिलाफ उनकी जंग ने दुनिया भर के उत्पीड़ित लोगों को प्रेरित किया।