12 May ka itihas: जोधपुर की स्थापना से लेकर आधुनिक नर्सिंग की जननी तक, जानें आज की बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

12 May ka itihas/Today in History Hindi News नई दिल्ली । इतिहास की किताब में 12 मई का पन्ना हमें राजस्थान के रेतीले धोरों से लेकर यूरोप के राजमहलों और चिकित्सा विज्ञान की गलियों तक ले जाता है। आज ही के दिन ‘सनसिटी’ जोधपुर की नींव पड़ी थी, तो आज ही के दिन दुनिया ने उस महान महिला को जन्म दिया जिसने ‘नर्सिंग’ को एक पवित्र पेशा बनाया। यह दिन जहां शिवाजी महाराज के आगरा आगमन की वीरता का गवाह है, वहीं चीन में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दर्द को भी समेटे हुए है। आइए, विस्तार से जानते हैं 12 मई के उस समृद्ध इतिहास को जिसने दुनिया को कई मायनों में बदला है। Jodhpur Foundation Day, International Nurses Day, Florence Nightingale birthday, Shivaji Maharaj Agra visit, Today in History Hindi News

1. जोधपुर की स्थापना: राव जोधा का ‘ब्लू सिटी’ विजन (1459)

12 मई 1459 को मारवाड़ के शासक राव जोधा ने जोधपुर शहर की नींव रखी थी। इसे ‘सनसिटी’ और ‘ब्लू सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है।

  • मेहरानगढ़ किला: राव जोधा ने अपनी राजधानी को मंडोर से बदलकर सुरक्षित स्थान पर लाने का निर्णय लिया और चिड़ियाटूंक पहाड़ी पर विशाल मेहरानगढ़ किले का निर्माण शुरू करवाया।

  • सांस्कृतिक महत्व: जोधपुर आज अपनी वीरता, वास्तुकला और नीले रंग के घरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। 12 मई का दिन हर जोधपुराइट के लिए गर्व का उत्सव है।

2. फ्लोरेंस नाइटिंगेल: ‘लेडी विद द लैंप’ और अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (1820)

12 मई 1820 को आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म इटली के फ्लोरेंस शहर में हुआ था।

  • नर्सिंग को मिली नई पहचान: क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा जिस निस्वार्थ भाव से की, उसने दुनिया का नजरिया बदल दिया। वे रात में लैंप लेकर घायलों की सुध लेती थीं, इसलिए उन्हें ‘लेडी विद द लैंप’ कहा गया।

  • अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस: उनके जन्मदिन के सम्मान में हर साल 12 मई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन स्वास्थ्य सेवा में नर्सों के अतुलनीय योगदान को सलाम करने का अवसर है।

3. छत्रपति शिवाजी महाराज का आगरा आगमन (1666)

भारतीय इतिहास का एक बहुत बड़ा मोड़ 12 मई 1666 को आया, जब छत्रपति शिवाजी महाराज अपने पुत्र संभाजी के साथ मुगल सम्राट औरंगजेब से मिलने आगरा पहुंचे।

  • पुरंदर की संधि का प्रभाव: यह मुलाकात पुरंदर की संधि की शर्तों के तहत हुई थी। हालांकि, औरंगजेब ने दरबार में शिवाजी महाराज का उचित सम्मान नहीं किया, जिससे नाराज होकर शिवाजी ने मुगलों को ललकारा। इसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया, जहां से उनकी साहसिक फरारी ने मराठा साम्राज्य के उदय की नई पटकथा लिखी।

4. रासबिहारी बोस: क्रांतिकारी का ऐतिहासिक पलायन (1915)

12 मई 1915 को महान भारतीय क्रांतिकारी रासबिहारी बोस ने देश की आजादी के लिए जापानी नौका ‘सानुकी मारू’ पर सवार होकर भारत छोड़ा था।

  • आजाद हिंद फौज की नींव: भारत छोड़ने के बाद उन्होंने विदेश में रहकर आजादी की लड़ाई जारी रखी और बाद में ‘आजाद हिंद फौज’ के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका यह पलायन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक बड़ी रणनीतिक घटना थी।

5. तकनीक की दुनिया का बड़ा दिन: पहला कंप्यूटर (1941)

तकनीक के प्रेमियों के लिए 12 मई का दिन मील का पत्थर है। 1941 में आज ही के दिन जर्मन इंजीनियर कॉनराड ज़्यूस ने बर्लिन में दुनिया का पहला प्रोग्राम करने योग्य और पूरी तरह से स्वचालित कंप्यूटर ‘Z3’ प्रस्तुत किया था।

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