Jaipur News जयपुर | अगर आप भी कॉरपोरेट सेक्टर में एक ऊंचे पद पर हैं, बड़ी कंपनियों के ‘बॉस’ या प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, तो राजस्थान की राजधानी जयपुर से आई यह सनसनीखेज खबर आपके लिए एक बड़ा सबक है। गुलाबी नगरी के सबसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में से एक, महेश नगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा हाई-टेक हनीट्रैप रैकेट सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन को भी चौंका दिया है। Jaipur Honeytrap Case
यहां एक नामी और शादीशुदा बिजनेसमैन को अपने हुस्न और प्रोफेशनलिज्म के जाल में फंसाकर करीब 90 लाख रुपये की मोटी रकम वसूल ली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि, इस ब्लैकमेलिंग के खेल में पारंपरिक तरीकों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक (Deepfake) तकनीक का खतरनाक दुरुपयोग किया गया था। Disha Babala Arrested Jaipur, AI Deepfake Blackmailing India
मास्टरमाइंड धीरज और दिशा बाबला का ‘हाई-टेक’ जाल
जयपुर पुलिस ने डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस गैंग की मुख्य आरोपी महिला दिशा बाबला को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि, इस पूरे संगठित नेटवर्क के पीछे धीरज कुमार नाम का व्यक्ति मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहा था, जो ब्लैकमेलिंग की पूरी स्क्रिप्ट लिखता था।
दिशा बाबला अपने मुस्कुराते चेहरे और कॉरपोरेट लुक की आड़ में बड़े शिकार ढूंढती थी। इस मामले में भी उसने पीड़ित व्यवसायी को पहले अपने जाल में फंसाया और फिर शुरू हुआ एआई (AI) का असली खतरनाक खेल। Jaipur Fraud News
करोड़ों के AI प्रोजेक्ट पर थी नजर, ऐसे रची साजिश
पीड़ित व्यवसायी के अनुसार, आरोपी महिला और उसके गैंग की नजर व्यापारी के करोड़ों रुपये के ड्रीम एआई (AI) प्रोजेक्ट पर थी। वे उस प्रोजेक्ट पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते थे। अपनी इस साजिश को अंजाम देने के लिए दिशा और धीरज ने उसी एआई तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने एआई टूल्स की मदद से पीड़ित व्यवसायी की बेहद आपत्तिजनक और फर्जी तस्वीरें व वीडियो (Deepfake) तैयार कर लिए। इसके बाद शुरू हुआ मानसिक टॉर्चर। सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए पीड़ित पर लगातार दबाव बनाया गया कि, अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो इन वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर समाज में बदनाम कर दिया जाएगा।
90 लाख हड़पने के बाद भी नहीं भरा पेट, दी झूठे रेप केस की धमकी
बदनामी और परिवार की इज्जत के डर से पीड़ित व्यवसायी इस गिरोह को अब तक 90 लाख रुपये दे चुका था। लेकिन इस मोटी रकम को डकारने के बाद भी ब्लैकमेलर्स का पेट नहीं भरा। गैंग ने पीड़ित के सामने 50 लाख रुपये की एक और अतिरिक्त डिमांड रख दी। जब पीड़ित ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसे झूठे रेप केस (False Rape Case) में फंसाने और उसके परिवार को जान से मारने या गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दे डाली।