19 Aprail ka itihaas नई दिल्ली । इतिहास केवल बीती हुई तारीखों का हिसाब-किताब नहीं है, बल्कि यह उन संघर्षों, बलिदानों और महानताओं की गूंज है, जिसने हमारे वर्तमान को गढ़ा है। जब हम 19 Aprail ka itihaas की बात करते हैं, तो भारत के माथे पर एक तरफ ‘आर्यभट्ट’ की सफलता का तिलक नजर आता है, तो दूसरी तरफ दिल्ली की सल्तनत पर लोदी वंश का परचम। आज का दिन विज्ञान, राजनीति, खेल और व्यापार के उन मोड़ों का गवाह है, जिन्होंने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया का नक्शा बदल दिया।
इस विशेष लेख में हम 1451 से लेकर आज तक की उन तमाम बड़ी घटनाओं का ऐसा विश्लेषण करेंगे, जो आपको किसी और जगह नहीं मिलेगा। Aaj kya hai
1. 19 अप्रैल 1975: जब भारत ने अंतरिक्ष में अपना ‘आर्यभट्ट’ छोड़ा Aaj kya hai
19 Aprail ka itihaas का सबसे सुनहरा अध्याय साल 1975 में लिखा गया। कल्पना कीजिए, एक ऐसा दौर जब भारत को ‘सपेरों का देश’ कहा जाता था, उस समय हमारे वैज्ञानिकों ने आसमान में अपनी धाक जमा दी। Aaj ka itihas (Today in History)
क्यों खास था आर्यभट्ट?
यह भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह (Satellite) था। इसका नाम गुप्त काल के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ‘आर्यभट्ट’ के नाम पर रखा गया था। इसका वजन 360 किलोग्राम था और इसे बनाने में करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आया था।
रूस का साथ Aaj kya hai
भारत के पास उस समय अपना खुद का रॉकेट (Launch Vehicle) नहीं था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और इसरो के वैज्ञानिकों ने सोवियत संघ से हाथ मिलाया। इसे रूस के ‘कपुस्टिन यार’ लॉन्चिंग स्टेशन से ‘कॉसमॉस-3एम’ रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया।
क्या हुआ था लॉन्च के बाद?
हालांकि इस उपग्रह ने सिर्फ 5 दिन ही काम किया और इसके पावर सिस्टम में खराबी आ गई, लेकिन इसने पूरी दुनिया को यह मैसेज दे दिया कि भारत अब अंतरिक्ष की दौड़ में शामिल हो चुका है। इसी दिन की याद में आज को ‘उपग्रह क्षेत्र में प्रवेश दिवस’ कहा जाता है।
2. 1451: बहलोल लोदी और दिल्ली सल्तनत का नया अध्याय
इतिहास की पुरानी गलियों में चलें तो 19 अप्रैल 1451 वह दिन है, जब दिल्ली की गद्दी पर लोदी वंश की स्थापना हुई। बहलोल लोदी ने सैय्यद वंश के अंतिम शासक को हटाकर खुद को सुल्तान घोषित किया।नAaj kya hai
लोदी वंश की अहमियत
यह भारत का पहला अफगान वंश था। बहलोल लोदी ने बिखरे हुए सूबों को फिर से जोड़कर दिल्ली सल्तनत को मजबूती दी। उसने ‘बहलोली सिक्के’ भी चलाए जो लंबे समय तक चलन में रहे। इसी वंश के शासक इब्राहिम लोदी को हराकर आगे चलकर बाबर ने मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। यानी 19 अप्रैल की यह घटना मुगल साम्राज्य के उदय का शुरुआती कारण भी बनी।
3. मुकेश अंबानी: एक छोटे से घर से दुनिया के सबसे अमीर आदमी बनने का सफर
आज के दौर में 19 Aprail ka itihaas एक ऐसे व्यक्ति के जन्मदिन के लिए भी सर्च किया जाता है, जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया। मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल 1957 को हुआ था। Aaj ka itihas (Today in History)
बिजनेस की नई परिभाषा
मुकेश अंबानी ने रिलायंस को सिर्फ एक टेक्सटाइल कंपनी से निकालकर पेट्रोलियम, रिटेल और फिर टेलिकॉम (Jio) की सबसे बड़ी कंपनी बना दिया। आज जब हम और आप सस्ता इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसके पीछे मुकेश अंबानी की ही दूरगामी सोच है। उनका जन्मदिन आज के डिजिटल इंडिया के लिए एक प्रेरणा दिवस जैसा है।
4. विज्ञान के जनक चार्ल्स डार्विन की विदाई (1882)
19 अप्रैल 1882 को दुनिया ने अपने सबसे महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन को खो दिया था। डार्विन वो इंसान थे जिन्होंने धर्म और विज्ञान के बीच की बहस को एक नया मोड़ दिया। Aaj kya hai special
विकासवाद का सिद्धांत (Evolution)
डार्विन ने बताया कि इंसान अचानक आसमान से नहीं टपका, बल्कि हम बंदरों और चिम्पांजी के पूर्वजों से विकसित हुए हैं। उन्होंने ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ का सिद्धांत दिया, जिसका मतलब है कि जो बदलते माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेगा, वही जिंदा बचेगा। आज की मॉडर्न साइंस डार्विन की ऋणी है। Aaj kya hai special
5. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऐतिहासिक इस्तीफा (1950)
स्वतंत्र भारत की राजनीति में 19 अप्रैल 1950 की तारीख बहुत बड़ी है। इसी दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था।
विरोध की राजनीति: वे जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में उद्योग मंत्री थे। लेकिन नेहरू-लियाकत समझौते (भारत-पाक समझौते) को लेकर उनके गहरे मतभेद थे। उन्होंने इस्तीफा देकर ‘भारतीय जनसंघ’ बनाया, जो आज की भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूर्व रूप है। भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में 19 अप्रैल का यह इस्तीफा बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। Aaj kya hai special
6. क्रांतिकारी अनंत लक्ष्मण कन्हेरे की शहादत (1910)
आजादी की जंग में 19 Aprail ka itihaas लहू से लिखा गया है। नासिक के कलेक्टर जैक्सन की हत्या के आरोप में मात्र 19 साल के क्रांतिकारी अनंत लक्ष्मण कन्हेरे को आज ही के दिन फांसी दी गई थी। जैक्सन बहुत अत्याचारी था और उसने कई भारतीयों पर जुल्म किए थे। अनंत कन्हेरे ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे सजा दी और भारत माता के चरणों में खुद को न्योछावर कर दिया।
7. विश्व यकृत दिवस (World Liver Day): आपकी सेहत का साथी
हर साल 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस मनाया जाता है। लीवर हमारे शरीर का इंजन है। वह खून साफ करता है, खाना पचाता है और जहर को बाहर निकालता है। Aaj ka itihas (Today in History)
आज का संदेश: भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान से लीवर की बीमारियां बढ़ रही हैं। आज का दिन हमें याद दिलाता है कि शराब और फैटी फूड से दूर रहकर हम अपने लीवर को कैसे बचा सकते हैं। गूगल पर आज यह विषय बहुत ज्यादा पढ़ा जाता है।