Rewari Weather News रेवाड़ी । रेवाड़ी जिले में सूर्य देव के तेवर अब तेज होने लगे हैं। अप्रैल के महीने में ही यहां जून जैसी भीषण तपिश का एहसास होने लगा है। शनिवार का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जिसने प्रशासन और जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आसमान से बरसती आग ने न केवल तापमान का ग्राफ बढ़ाया है, बल्कि जनजीवन की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। लू का अलर्ट रेवाड़ी
सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप इतनी तेज हो गई कि लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। दोपहर होते-होते अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया। इसके साथ ही चलने वाली गर्म हवाओं यानी लू ने लोगों की स्किन को झुलसाना शुरू कर दिया। शहर की मुख्य सड़कों पर जो चहल-पहल रहती थी, वह दोपहर के समय पूरी तरह गायब दिखी और चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा। rewari weather report
पिछले साल के आंकड़ों से तुलना: क्या है हकीकत? rewari weather
मौसम विभाग और स्थानीय केंद्रों से प्राप्त डेटा की तुलना अगर पिछले साल के इसी समय से करें, तो स्थिति काफी गंभीर नजर आती है। पिछले साल 18 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस के करीब था, और इस साल भी पारा 42.0 डिग्री तक पहुंच गया है। हालांकि पिछले साल की तुलना में रात का तापमान अभी थोड़ा कम है, जो कि 19.4 डिग्री दर्ज किया गया है, लेकिन दिन की तपिश ने पिछले कई वर्षों के औसत को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। rewari weather
डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि 10 अप्रैल को जहां तापमान 32.5 डिग्री था, वह महज 8 दिनों के भीतर 10 डिग्री बढ़कर 42 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में आया यह उछाल इस बात का संकेत है कि आने वाले मई और जून के महीनों में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। rewari weather
बिजली कटौती ने बढ़ाई जनता की मुसीबत
गर्मी का पारा जैसे ही 40 डिग्री के पार हुआ, शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की डिमांड ने भारी उछाल लिया है। जैसे-जैसे घरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलर चलने शुरू हुए, पावर ग्रिड पर लोड बढ़ता चला गया। इसका सीधा असर बिजली की सप्लाई पर पड़ा है। रेवाड़ी के विभिन्न हिस्सों में अब अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है। rewari weather
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 2 से 3 घंटे के पावर कट लग रहे हैं। कई इलाकों में वोल्टेज की उतार-चढ़ाव की समस्या भी देखी जा रही है, जिससे बिजली के उपकरणों के खराब होने का डर बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि, अगर अप्रैल के मध्य में ही बिजली की यह स्थिति है, तो जब पारा 45 डिग्री के पार जाएगा, तब हालात और भी बदतर हो सकते हैं। बिजली निगम के लिए आने वाले दिन बड़ी चुनौती साबित होने वाले हैं क्योंकि कृषि और घरेलू दोनों क्षेत्रों में बिजली की मांग चरम पर होगी। rewari weather