Tika Ram Jully Pratapgarh Visit प्रतापगढ़ । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शनिवार को प्रतापगढ़ जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने धरियावद में संगठनात्मक बैठक लेने के बाद पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित मनरेगा बचाओ कार्यशाला को संबोधित किया। मीडिया से रूबरू होते हुए जूली ने भजनलाल सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार के कुप्रबंधन के कारण गरीब और आदिवासी बच्चों की जान जा रही है, लेकिन सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
चिकित्सा व्यवस्था बदहाल: धरियावद में मौतों पर जताई चिंता
टीकाराम जूली ने कहा कि, प्रतापगढ़ जिले, विशेषकर धरियावद इलाके में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। चिकित्सकों की भारी कमी के चलते गरीब और आदिवासी बच्चे कुपोषण और बीमारियों का शिकार होकर दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि, अब तक सरकार का कोई भी मंत्री या भाजपा का कोई बड़ा पदाधिकारी इन पीड़ित परिवारों की सुध लेने नहीं पहुंचा है। जूली ने सवाल उठाया कि, क्या आदिवासी अंचल की जनता की जान की कोई कीमत नहीं है?
सत्ता के ढांचे पर तंज: ‘अफसरशाही’ का बोलबाला
प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, जनता ने जिस उम्मीद से सरकार चुनी थी, वह पूरी तरह टूट चुकी है। सरकार में तालमेल का भारी अभाव है। उन्होंने तंज कसा कि, कार्यकर्ताओं की बात विधायक नहीं सुनते, विधायक की मंत्री नहीं सुनते और मंत्री की मुख्यमंत्री नहीं सुनते। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि, मुख्यमंत्री की भी कोई नहीं सुन रहा है और पूरी सरकार केवल अधिकारियों के भरोसे चल रही है, जो अपनी मनमर्जी कर रहे हैं।
मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप
मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जूली ने कहा कि, यह योजना गरीबों का सहारा थी, लेकिन इस डबल इंजन की सरकार ने इसका नाम बदलकर और बजट घटाकर इसे खत्म करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि, रोजगार में 65 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है, और श्रमिकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार गरीबों से रोजगार छीनने का काम कर रही है।