Bank Employees Salary Hike नई दिल्ली । सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए खुशियों वाली खबर आई है। केंद्र सरकार ने इस बार कमर कस ली है कि, बैंक कर्मियों को अपनी सैलरी बढ़वाने के लिए सालों का लंबा इंतजार न करना पड़े। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने साफ निर्देश दिए हैं कि, 13वें बाइ-पार्टाइट सेटलमेंट (13th Bipartite Settlement) की प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी जाए। Bank Employees Salary Hike, 13th Bipartite Settlement
वक्त से पहले तैयारी: इस बार नहीं होगा ‘तारीख पर तारीख’ का खेल
आमतौर पर बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता (Wage Revision) जब लागू होता है, उसके कई सालों बाद तक बातचीत चलती रहती है। लेकिन इस बार सरकार ने एक नया ‘डेडलाइन’ सेट किया है। 1 नवंबर 2027 से लागू होने वाले अगले वेज रिवीजन के लिए बैंकों को निर्देश दिया गया है कि, वे 12 महीने के भीतर पूरी बातचीत फाइनल कर लें। SBI Bank Manager Salary, Bank Wage Revision News, IBPS Bank News
इसका सीधा फायदा यह होगा कि, कर्मचारियों को ‘एरियर’ (Arrear) के भरोसे बैठने के बजाय, तय तारीख से ही बढ़ी हुई सैलरी मिलने लगेगी। यह कदम बैंकिंग सेक्टर में कामकाज की स्थिरता बनाए रखने और कर्मचारियों के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए उठाया गया है।
मुनाफे में बैंक, तो कर्मचारियों को क्यों न मिले हिस्सा?
इस बार कर्मचारियों का पक्ष बहुत मजबूत है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है सरकारी बैंकों का रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा। आंकड़ों पर नजर डालें तो…
- FY23 में मुनाफा: 1.05 लाख करोड़ रुपये
- FY24 में मुनाफा: 1.41 लाख करोड़ रुपये
- FY25 में मुनाफा: 1.78 लाख करोड़ रुपये
जब बैंक बंपर कमाई कर रहे हैं, तो स्वाभाविक है कि, कर्मचारी भी इस मुनाफे में सम्मानजनक हिस्सेदारी (Salary Hike) की उम्मीद करेंगे। बैंकों की बैलेंस शीट अब पहले से कहीं अधिक ‘क्लीन’ है। सितंबर 2025 तक ग्रॉस NPA घटकर महज 2.30% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। यानी बैंक अब आर्थिक रूप से इतने सक्षम हैं कि, वे अपने मैनपावर पर बेहतर निवेश कर सकें।
क्या है खास? (एनालिसिस)
इस बार सरकार केवल वेतन बढ़ाने की बात नहीं कर रही, बल्कि नियमों में बदलाव (Service Conditions) को भी समय पर लागू करने पर जोर दे रही है। पिछले सेटलमेंट्स में देखा गया है कि, वेतन तो बढ़ जाता है, लेकिन अन्य भत्तों और छुट्टियों से जुड़े नियम महीनों लटके रहते हैं। इस बार मंत्रालय ने IBA को स्पष्ट किया है कि, नेगोशिएशन और रेगुलेटरी बदलाव साथ-साथ चलने चाहिए।
किस-किस की चमकेगी किस्मत?
PSB कर्मचारी: करीब 8-9 लाख सरकारी बैंक कर्मचारी।