Haryana School Yojana: प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए शिक्षा विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। अब सरकारी स्कूल केवल एक इमारत नहीं रहेंगे, बल्कि 22 मार्च के बाद यह एक जन-आंदोलन बनने जा रहा है। हरियाणा के 7 हजार से ज्यादा गांवों और 154 शहरों की एक-एक गली में अब स्कूल चलो का नारा सुनाई देगा। इस बार खास बात है कि, दाखिला लेने के लिए आपको स्कूल के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि खुद मास्टर जी आपके घर का दरवाजा खटखटाएंगे और आपके बच्चे का हाथ थामकर उसे स्कूल तक ले जाएंगे।
14 हजार स्कूलों की किस्मत बदलेगा यह महा-अभियान
हरियाणा में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 14 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल चल रहे हैं। इनमें पहली कक्षा से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई होती है। विभाग का कहना है कि, अब वो जमाना गया जब लोग कहते थे कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होती। आज इन स्कूलों में प्राइवेट से भी ज्यादा पढ़े-लिखे और अनुभवी अध्यापक हैं। इस नामांकन अभियान का असली मकसद उन बच्चों को ढूंढना है, जो आज भी पढ़ाई की मुख्य धारा से कटे हुए हैं। चाहे वो मजदूरी करने वाले के बच्चे हों या वो बच्चे जिन्होंने घर की किसी परेशानी की वजह से बीच में ही स्कूल जाना छोड़ दिया था। विभाग ने साफ कर दिया है कि, हरियाणा का एक भी बच्चा अनपढ़ नहीं रहेगा।
घर जाएंगे शिक्षक: स्कूल नहीं, मास्टर जी आएंगे आपके द्वार
अक्सर देखा जाता है कि, गरीब मां-बाप कागजी कार्रवाई के डर से या समय न होने की वजह से बच्चे का नाम स्कूल में नहीं लिखवा पाते। इसी समस्या को खत्म करने के लिए शिक्षकों की विशेष टोलियां बनाई गई हैं।
गांव की चौपालों पर चर्चा: शिक्षक गांव की चौपालों पर बैठकर बड़े-बुजुर्गों और युवाओं से बात करेंगे।
बस्तियों का सर्वे: शहरों में उन जगहों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा जहां दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले लोग रहते हैं।
पंचायतों का साथ: इस बार प्रदेश की हर पंचायत और सरपंच को इस काम में जोड़ा गया है। सरपंच साहब खुद मुनादी करवाएंगे कि भाइयों, अपने बच्चों का नाम सरकारी स्कूल में लिखवाओ।
मुफ्त वर्दी, मुफ्त खाना का प्रचार करेंगे
सब कुछ फ्री: स्कूल की ड्रेस, किताबें और कॉपियां सरकार मुफ्त देगी।
पेट भर खाना: दोपहर में बच्चों को गरमा-गरम और पौष्टिक खाना (मिड-डे मील) स्कूल में ही मिलेगा।
लाखों की कोचिंग अब घर के पास: सबसे बड़ी बात, जो बच्चे बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर या बड़े अफसर बनना चाहते हैं, उनके लिए सुपर-100, मिशन बुनियाद और उड़ान जैसी योजनाएं हैं। इन कोचिंग के लिए बाहर लाखों रुपए लगते हैं, जो अब सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त मिलेंगे।