Haryana Education News चंडीगढ़ । हरियाणा सरकार के ‘निपुण हरियाणा मिशन’ को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कमर कस ली है। प्राथमिक स्कूलों में चल रहे ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ की समीक्षा और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डाइट रेवाड़ी में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) प्रदीप कुमार दहिया ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि, अब स्कूलों में केवल हाजिरी लगाना काफी नहीं होगा, बल्कि बच्चों की शत-प्रतिशत भागीदारी और उनके सीखने के स्तर का वास्तविक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। Class Readiness Programme, DEEO Rewari Pradeep Dahiya
गर्मी का ध्यान और कक्षा में गतिविधियां
बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभाग ने बच्चों की सेहत का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिए हैं। डीईईओ ने अधिकारियों और शिक्षकों को पाबंद किया है कि, स्कूल की सभी शैक्षणिक गतिविधियां खुले मैदान के बजाय कक्षा-कक्ष के भीतर ही संचालित की जाएं। इसके साथ ही, हर स्कूल में एक ‘गतिविधि रजिस्टर’ का रखरखाव अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें बच्चों द्वारा की गई डेली एक्टिविटी का पूरा हिसाब-किताब होगा। एबीआरसी और बीआरपी सदस्यों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूल विजिट का शेड्यूल तुरंत कार्यालय में जमा कराएं ताकि औचक निरीक्षण किया जा सके। Skill Passbook Haryana Schools
क्या है ‘कक्षा तत्परता स्किल पासबुक’?
जिला एफएलएन समन्वयक चरण सिंह ने कार्यशाला के दौरान तकनीकी बारीकियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘कक्षा तत्परता स्किल पासबुक’ है। यह पासबुक बच्चे की प्रगति का आईना होगी, जिसे समय रहते और सही ढंग से भरना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है। पढ़ाई को बोझिल बनाने के बजाय आनंददायक गतिविधियों और विभागीय दक्षताओं के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा। इसकी प्रगति की पहली बड़ी समीक्षा 30 अप्रैल को और अंतिम समीक्षा 20 मई को की जाएगी।
अधिकारियों का सख्त रुख और मेंटर्स को निर्देश
पंचकूला से पहुंची एसपीआईयू सदस्य अंजलि ने मेंटर्स को उनकी भूमिका समझाते हुए प्रेरित किया कि, वे स्कूलों में जाकर केवल औपचारिकता न निभाएं, बल्कि बेहतर परिणाम के लिए काम करें। डीईईओ प्रदीप दहिया ने दोटूक कहा है कि, पूरे प्रदेश में समान शिक्षण सामग्री दी गई है, लेकिन परिणाम वही स्कूल बेहतर देंगे जहां शिक्षक बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करेंगे। विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं। Education Department Update