Haryana Education News चंडीगढ़ । हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए शिक्षा विभाग ने ऐसा फैसला लिया है, जो पहली नजर में चौंकाने वाला लग सकता है, लेकिन इसके पीछे बच्चों के भविष्य को लेकर एक बड़ी सोच छिपी है। जिले के तमाम सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को अब नया सिलेबस पढ़ने की जल्दबाजी नहीं करनी होगी। विभाग ने आदेश जारी किया है कि, 23 मई तक बच्चे पिछले साल का ही पाठ्यक्रम दोहराएंगे। इस फैसले ने जहां ‘कोर्स पूरा करने’ की अंधी दौड़ पर लगाम लगाई है, वहीं बच्चों की ‘बुनियादी शिक्षा’ में सुधार की नई उम्मीद जगाई है। Haryana Government, Latest News Haryana
कोर्स पूरा करने की अंधी दौड़ पर क्यों लगी लगाम?
अक्सर देखा जाता है कि, स्कूलों में शिक्षकों पर 31 मार्च तक कोर्स खत्म करने का भारी दबाव होता है। इस चक्कर में कई बार बच्चे केवल रटकर अगली कक्षा में तो पहुंच जाते हैं, लेकिन उनका ‘बेस’ (आधार) कमजोर रह जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि, जब तक बच्चे की नींव मजबूत नहीं होगी, तब तक नई कक्षाओं का कठिन पाठ्यक्रम उनके लिए केवल एक बोझ बना रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए 23 मई तक चलने वाले ‘रेडिनेस प्रोग्राम’ (Class Readiness Programme) को लागू किया गया है। Haryana News, Today Haryana News, Haryana Live News
आप के बच्चे को इस फैसले से क्या होगा फायदा?
अभिभावकों के मन में सवाल है कि, पुराना सिलेबस पढ़ने से बच्चे का साल खराब तो नहीं होगा? हकीकत में इसके तीन बड़े फायदे होने वाले हैं।
कमियां होंगी दूर: पिछले सत्र के दौरान सीखने की प्रक्रिया में जो कमियां रह गई थीं, उन्हें पहचानने और सुधारने का यह सुनहरा मौका है।
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN): इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस बच्चों को अक्षर ज्ञान और गणित की बुनियादी क्रियाओं (जोड़, घटा, गुणा) में मास्टर बनाना है। यदि बच्चा इसमें माहिर हो गया, तो वह आगे की पढ़ाई खुद भी कर सकेगा।
आत्मविश्वास में बढ़ोतरी: जब बच्चा उन विषयों में पारंगत हो जाता है जहां वह पहले कमजोर था, तो उसका स्कूल आने का उत्साह बढ़ता है और वह परीक्षा के डर से मुक्त होता है।
23 मई तक का पूरा ब्लूप्रिंट: डाइट में आज बनी रणनीति
इस पूरी कवायद को धरातल पर उतारने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 21 अप्रैल को एक बड़ी बैठक आयोजित की गई।