6 September History in Hindi नई दिल्ली । इतिहास सिर्फ तारीखों का ब्योरा नहीं होता, यह उन ऐतिहासिक फैसलों, युद्धों और राजनीतिक क्रांतियों का दस्तावेज होता है, जिसने आज के भारत और दुनिया की दिशा तय की है। अगर 6 सितंबर की तारीख को कैलेंडर से हटा दिया जाए, तो भारत का सामरिक इतिहास और कानूनी नक्शा दोनों अधूरे रह जाएंगे। यह वही दिन है, जब 1965 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सरजमीं में दाखिल होकर लाहौर के पास तक कब्जा जमा लिया था। यह वही दिन भी है, जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने 158 साल पुराने औपनिवेशिक कानून ‘धारा 377’ को हमेशा के लिए दफनाकर मानवाधिकारों की नई इबारत लिखी थी। बता दें, आज हमारी newsvoice.in की संपादकीय टीम ने ऐतिहासिक अभिलेखागारों, कानूनी दस्तावेजों और सैन्य इतिहास के पन्नों से 6 सितंबर की उन 10 सबसे बड़ी, प्रामाणिक और प्रभावकारी घटनाओं को छांटा है, जिन्होंने भारत समेत पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। 6 September History in Hindi, 6 सितंबर का इतिहास, Today History 6 September, Aaj Ka Itihas 6 September, 6 September Ko Kya Hua Tha
IAS Tukaram Mundhe ने तोड़ी चुप्पी, राजनीतिक दलों को लेकर कह दी बड़ी बात!
1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध
6 सितंबर 1965 को भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा सामरिक मोड़ आया। पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन जिब्राल्टर’ के तहत कश्मीर में घुसपैठ कर भारत को बैकफुट पर धकेलने की साजिश रची थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कड़े निर्देशों पर भारतीय थलसेना ने पाकिस्तान की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। 6 सितंबर की अलसुबह भारतीय सेना ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार की और सीधे लाहौर (पश्चिम पाकिस्तान) की ओर कूच कर दिया। भारतीय जांबाज इचोगिल नहर तक पहुंच गए थे, जिसने पाकिस्तानी सेना के होश उड़ा दिए थे। यह दिन भारतीय सेना के शौर्य का अमर प्रतीक है।
2018: धारा 377 खत्म… (6 September History in Hindi)
6 सितंबर 2018 का दिन भारत के संवैधानिक अधिकारों के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ (जिसकी अगुवाई तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कर रहे थे) ने ब्रिटिश काल के 158 साल पुराने कानून धारा 377 को आंशिक रूप से रद्द कर दिया। अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि दो बालिगों के बीच आपसी सहमति से बनाए गए संबंध अपराध नहीं हैं। इस फैसले ने देश के LGBTQ+ समुदाय को निजता, सम्मान और समानता का मौलिक अधिकार दिया।
2020: स्वामी केशवानंद भारती का निधन
6 सितंबर 2020 को केरल के एडनीर मठ के प्रमुख स्वामी केशवानंद भारती का निधन हुआ था। कानूनी और संवैधानिक नजरिए से यह बहुत बड़ी क्षति थी। 1973 का ‘केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य’ मामला भारतीय न्यायशास्त्र का सबसे लैंडमार्क केस माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट के 13 जजों की सबसे बड़ी बेंच ने इसी मामले में ‘बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्रिन’ (मूल ढांचे का सिद्धांत) दिया था, जिसने संसद को संविधान की आत्मा को बदलने की निरंकुश ताकत पर हमेशा के लिए रोक लगा दी।
1522: समंदर के रास्ते पृथ्वी का पहला सफल चक्कर…
भौगोलिक खोजों की दुनिया में 6 सितंबर 1522 का दिन मील का पत्थर है। पुर्तगाली खोजकर्ता फर्डिनेंड मैगलन के नेतृत्व में शुरू हुआ ऐतिहासिक समुद्री अभियान आज ही के दिन समाप्त हुआ था। ‘विक्टोरिया’ नाम का जहाज पृथ्वी का पूरा गोल चक्कर लगाकर स्पेन के तट पर वापस लौटा था। हालांकि यात्रा के दौरान मैगलन की मौत हो गई थी, लेकिन उनके बचे हुए दल ने दुनिया के सामने यह वैज्ञानिक सत्य साबित कर दिया कि पृथ्वी गोल है और समंदर के रास्ते इसका चक्कर लगाया जा सकता है।
IAS Tukaram Mundhe ने तोड़ी चुप्पी, राजनीतिक दलों को लेकर कह दी बड़ी बात!
1970: आतंकवाद का खौफनाक चेहरा…
वैमानिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन इतिहास में 6 सितंबर 1970 को एक काली रात के रूप में याद किया जाता है। फलिस्तीनी उग्रवादी संगठन (PFLP) के आतंकियों ने यूरोप के अलग-अलग हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले 4 यात्री विमानों को एक साथ हाइजैक कर लिया। आतंकी इन जहाजों को अगवा करके जॉर्डन और मिस्र के रेगिस्तानी मैदानों में ले गए। 382 बेकसूर यात्रियों की जिंदगी के बदले उन्होंने पश्चिमी देशों में बंद अपने साथी चरमपंथियों की रिहाई की शर्त रखी थी, जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया था।
जब सो रहा था देश, ISRO ने अंतरिक्ष में खोल दी भारत की तीसरी आंख, अब हर 30 मिनट में बदलेगा गेम