Inspector shot himself हरियाणा | कहते हैं पुलिस वालों का जिगरा फौलाद का होता है, लेकिन जब वही फौलाद खुद अपनों के खिलाफ मुड़ जाए, तो सवाल गहरे हो जाते हैं। हरियाणा के फतेहाबाद में एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को हिला कर रख दिया है। (Fatehabad News) एक इंस्पेक्टर ने अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली और फिर जो हुआ, वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। (इंस्पेक्टर)
इंस्पेक्टर का क्या है पूरा मामला? (The Incident)
वारदात फतेहाबाद के धांगड़ पुल के पास की है। हिसार के धारसूल के रहने वाले इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, जो वर्तमान में सिरसा पुलिस लाइन में तैनात हैं, अपनी कार में सवार होकर हिसार से सिरसा की तरफ जा रहे थे। नेशनल हाईवे-9 पर सफर सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही उनकी गाड़ी धांगड़ के पास पहुंची, अचानक एक गोली चलने की आवाज आई। इंस्पेक्टर शमशेर ने अपनी सरकारी पिस्टल निकाली और खुद के कंधे पर गोली दाग दी। गोली कंधे को चीरती हुई कार की ड्राइविंग सीट के पार निकल गई। लहूलुहान हालत में इंस्पेक्टर गाड़ी में ही तड़पने लगे। (Fatehabad News) (Haryana Police News)
मुझे अस्पताल ले चलो… जब युवाओं ने सुनी चीख
गनीमत रही कि जिस जगह यह वारदात हुई, उसके पास ही सड़क किनारे एक चाय का खोखा (टपरी) था। वहां बैठे 3-4 युवाओं ने जैसे ही धमाके की आवाज सुनी, वे तुरंत गाड़ी की तरफ दौड़े। जब उन्होंने शीशा नीचे किया, तो अंदर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। वर्दीधारी इंस्पेक्टर खून से लथपथ थे। हैरानी की बात यह है कि गोली मारने के बाद दर्द से कराहते हुए इंस्पेक्टर ने उन युवाओं से खुद कहा, भाई, मुझे जल्दी अस्पताल ले चलो। युवाओं ने एक पल की भी देरी नहीं की। उन्होंने पुलिस (112) का इंतजार करने के बजाय, उसी गाड़ी में इंस्पेक्टर को बिठाया और फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए। उनकी इस सूझबूझ ने शायद इंस्पेक्टर की जान बचा ली।
ट्रांसफर और तनाव: क्या थी वजह?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक सीनियर इंस्पेक्टर ने ऐसा कदम क्यों उठाया? हालांकि पुलिस अभी जांच जारी है का रटा-रटाया जवाब दे रही है, लेकिन सूत्रों और उनके करियर ग्राफ पर नजर डालें तो कुछ संकेत मिलते हैं।
- बार-बार तबादला: इंस्पेक्टर शमशेर सिंह कुछ महीने पहले सिरसा ट्रैफिक थाना के SHO थे। वहां से उन्हें बदला गया और रोड़ी थाना लगाया गया। इसके बाद फिर तबादला हुआ और उन्हें उन्नोड़ी थाने भेजा गया।
- पुलिस लाइन की तैनाती: हाल ही में उन्हें थानों से हटाकर पुलिस लाइन सिरसा में तैनात कर दिया गया था। पुलिस महकमे में लाइन की तैनाती को अक्सर सजा या साइड पोस्टिंग के तौर पर देखा जाता है, जो किसी भी अधिकारी के लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। (धांगड़ पुल हादसा)
Fatehabad News- जांच का घेरा और वर्तमान स्थिति
सदर थाना प्रभारी (SHO) प्रहलाद सिंह और सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्र अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों के मुताबिक, इंस्पेक्टर की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें फतेहाबाद से हिसार रेफर कर दिया गया है।