9 May ka itihas/Today special day in India नई दिल्ली । इतिहास की अनंत यात्रा में 9 मई की तारीख एक ऐसे संगम की तरह है, जहां वीरता, कला, राजनीति और विज्ञान की धाराएं एक साथ मिलती हैं। (Today in History Hindi News) भारत की पावन मिट्टी के लिए आज का दिन स्वाभिमान का प्रतीक है, क्योंकि इसी दिन मेवाड़ के सूर्य महाराणा प्रताप का उदय हुआ था। वहीं, आगरा में यमुना के तट पर प्रेम की अमर निशानी ‘ताजमहल’ ने अपना पूर्ण स्वरूप प्राप्त किया था। वैश्विक स्तर पर यह दिन साम्राज्यों के पतन और नए लोकतांत्रिक युग की शुरुआत का गवाह रहा है। आइए, 9 मई के इतिहास के उन पन्नों को गहराई से पलटते हैं, जिन्होंने मानव सभ्यता को एक नई दिशा प्रदान की है। Aaj kya hai
महाराणा प्रताप: अटूट साहस और स्वाभिमान की मिसाल (1540)
9 मई 1540 को मेवाड़ की वीर भूमि पर महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे प्रतापी और साहसी योद्धाओं में गिना जाता है।
शौर्य की गाथा: महाराणा प्रताप ने मुग़ल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जंगलों में रहकर घास की रोटियां खाना स्वीकार किया, लेकिन अपना सिर नहीं झुकाया।
हल्दीघाटी का युद्ध: 1576 में आज के दौर के आसपास ही हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध शुरू हुआ था, जहां प्रताप ने अपनी छोटी सी सेना के साथ मुगलों के विशाल लश्कर का डटकर मुकाबला किया।
चेतक का बलिदान: उनके प्रिय घोड़े ‘चेतक’ की स्वामीभक्ति आज भी मिसाल के तौर पर सुनाई जाती है। 9 मई का दिन हमें याद दिलाता है कि, स्वाधीनता से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
ताजमहल: 22 वर्षों का परिश्रम और वास्तुकला का शिखर (1653)
9 मई 1653 वह ऐतिहासिक दिन है, जब आगरा में विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हुआ था।
निर्माण का इतिहास: मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में इसका निर्माण शुरू करवाया था। इसे बनाने में लगभग 22 वर्षों का लंबा समय लगा।
शिल्पकारी का जादू: सफेद संगमरमर से बनी यह इमारत न केवल भारत का गौरव है, बल्कि विश्व के सात अजूबों में अपना स्थान रखती है। आज ही के दिन इस ऐतिहासिक कृति ने अपना अंतिम स्वरूप पाया था।
गोपाल कृष्ण गोखले: गांधीजी के राजनीतिक गुरु का जन्म (1866)
9 मई 1866 को महाराष्ट्र में महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म हुआ था।
नरम दल के नेता: गोखले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी दल के प्रमुख नेता थे। उन्होंने भारतीय समस्याओं को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से सुलझाने पर बल दिया।
गांधीजी पर प्रभाव: महात्मा गांधी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। गोखले ने ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ की स्थापना की थी ताकि देश सेवा के लिए समर्पित युवाओं को तैयार किया जा सके।
मुंबई में परिवहन क्रांति: पहली ट्राम सेवा (1874)
भारत के शहरी विकास के इतिहास में 9 मई 1874 का दिन एक तकनीकी मील का पत्थर है।
घोड़े से चलने वाली ट्राम: आज ही के दिन मुंबई (तब बॉम्बे) में पहली बार सार्वजनिक परिवहन के रूप में ट्राम कार की शुरुआत हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती दौर में इन ट्रामों को बिजली के बजाय घोड़े खींचते थे। इसने मुंबई के आर्थिक और सामाजिक विस्तार की नींव रखी।
गोवा मुक्ति संग्राम और डॉ. लोहिया (1946)
9 मई 1946 को डॉ. राम मनोहर लोहिया की अगुआई में गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ पहला बड़ा सत्याग्रह शुरू हुआ था।
आजादी की पुकार: यद्यपि भारत 1947 में आजाद हो गया था, लेकिन गोवा पर पुर्तगालियों का कब्जा बना रहा। लोहिया जी के इस कदम ने गोवा के लोगों के भीतर आजादी की अलख जगाई, जिसके परिणामस्वरूप आगे चलकर गोवा भारत का अभिन्न अंग बना।
वैश्विक पटल: संधियां, विज्ञान और विजय (9 मई)
दुनिया भर के देशों के लिए 9 मई की तारीख कई ऐतिहासिक मोड़ों की गवाह रही है।
1. दुनिया का सबसे पुराना गठबंधन: विंडसर की संधि (1386)
9 मई 1386 को पुर्तगाल और इंग्लैंड के बीच ‘विंडसर की संधि’ पर हस्ताक्षर हुए थे। यह संधि दुनिया के सबसे पुराने सक्रिय राजनयिक गठबंधनों में से एक है, जो आज भी कायम है।
2. कोलंबस की अंतिम समुद्री यात्रा (1502)
मशहूर खोजी यात्री क्रिस्टोफर कोलंबस ने 9 मई 1502 को स्पेन के कादिज से अपनी चौथी और अंतिम समुद्री यात्रा की शुरुआत की थी। इसी यात्रा के दौरान उन्होंने अमेरिका के तटों के और भी नए हिस्सों की खोज की थी।