Bhivadi News/Bhivadi Police Torture भिवाड़ी (अलवर) । राजस्थान के भिवाड़ी में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां कानून के रखवालों पर ही कानून की धज्जियां उड़ाने के संगीन आरोप लगे हैं। एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ पुलिस कस्टडी में बर्बर मारपीट और ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूआईटी थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और मारपीट की संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। rajasthan news, Bhivadi Crime News, Alwar News
21 अप्रैल की वो दोपहर: जब ‘स्वस्थ’ बेटा पुलिस ले गई
परिजनों की आंखों में आंसू और कलेजे में दर्द है। उन्होंने बताया कि, 21 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे भिवाड़ी फेस-3 थाने के सिपाही गोपाल और कुछ अन्य पुलिसकर्मी उनके घर आए थे। वे 16 साल के मासूम को यह कहकर साथ ले गए कि, कुछ पूछताछ करनी है। उस समय लड़का बिल्कुल स्वस्थ था। लेकिन कुछ ही देर बाद जब चचेरे भाई के पास फोन आया, तो दूसरी तरफ से लड़के की सिसकियां और चीखें सुनाई दे रही थीं। वह रोते हुए कह रहा था- भाई मुझे बचा लो, ये मुझे बहुत मार रहे हैं।
वेंटिलेटर पर पहुंचा मासूम, पुलिस पर रिकॉर्डिंग मिटाने के आरोप
यह मामला सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश का भी नजर आता है। परिजनों का आरोप है कि, जब वे अगले दिन थाने पहुंचे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। दोपहर में फोन आया कि, बच्चा निजी अस्पताल में भर्ती है। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका लाल बेहोश था, और वेंटिलेटर पर मौत से जूझ रहा था।
डॉक्टरों ने उसे तुरंत जयपुर रेफर कर दिया। परिजनों का दावा है कि, जयपुर के अस्पताल में भी पुलिस का पहरा रहा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें लड़के के जख्मों की फोटो और वीडियो लेने से रोका और डरा-धमकाकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी। यह सवाल उठता है कि, आखिर पुलिस क्या छिपाना चाहती थी?
जनता का आक्रोश और आधी रात को झुकी पुलिस
शुरुआत में पुलिस इस मामले को दबाती रही, लेकिन जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार का सब्र टूटा, तो प्रशासन को झुकना पड़ा। रविवार शाम को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव, पूर्व विधायक संदीप यादव और इमरान खान के नेतृत्व में चौपानकी थाने के बाहर जबरदस्त धरना दिया गया। ‘खाकी’ के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। माहौल बिगड़ता देख और राजनीतिक दबाव बढ़ते ही रविवार देर रात पुलिस ने आरोपी थाना प्रभारी और सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।