Dausa News/Rajasthan Mayra News दौसा । राजस्थान की माटी अपनी परंपराओं और रिश्तों की गहराई के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। नागौर के भारी-भरकम मायरा (भात) की खबरों के बाद अब दौसा जिले से एक ऐसी ही भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां ग्राम पंचायत कालोता की कुम्हारों की ढाणी में एक भाई ने अपनी बहन के प्रति ऐसा प्रेम दिखाया कि, पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। इस मायरे की खास बात यह थी कि, दुल्हन के पिता का 13 साल पहले ही निधन हो गया था, ऐसे में मामाओं ने पिता की कमी को महसूस नहीं होने दिया। Dausa Mayra Case
71 लाख कैश और गहनों की बौछार
रामसिंह प्रजापत की बेटी निशा प्रजापत की शादी के अवसर पर उसके ननिहाल पक्ष ने दिल खोलकर भात भरा। इस मायरे में न केवल परंपरा निभाई गई, बल्कि आर्थिक रूप से भी अपनी बहन के परिवार को मजबूत किया गया। Nisha Prajapat Wedding, Kumharon ki Dhani Dausa
नकद राशि: मामा पक्ष की ओर से आरते में 71 लाख 1 सौ 1 रुपए नकद भेंट किए गए।
गहने: इसके साथ ही करीब 10 लाख रुपए के सोने और चांदी के गहने भी दुल्हन और उसके परिवार को दिए गए।
इतनी बड़ी राशि और उपहारों को देखकर ग्रामीण और रिश्तेदार दंग रह गए। दौसा और अलवर जिले की सीमा पर बसे गांवों में यह मायरा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
13 साल पहले सिर से उठ गया था पिता का साया
भावुक करने वाली बात यह है कि, निशा के पिता का देहांत 13 साल पहले ही हो गया था। एक विधवा बहन के लिए अपनी बेटी की शादी करना और तमाम रस्में निभाना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन राजस्थान की भात भरने की परंपरा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि, भाई अपनी बहन की ढाल बनकर खड़ा रहता है। जगदीश प्रजापत ने बताया कि, मामाओं ने जिस तरह से जिम्मेदारी उठाई, उसने समाज के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है। Rajasthan Cultural Traditions