कैंसर पीड़ित पिता की उम्मीदें हुई राख: बेटी की शादी के लिए रखी 3 एकड़ सरसों की फसल को बदमाशों ने फूंका

Rewari News Today बावल (रेवाड़ी) । हरियाणा (Haryana News) के बावल उपमंडल के गांव राजगढ़ से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ किसान लीलू कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ शरारती तत्वों ने उनकी खुशियों में आग लगा दी। बटाई पर लेकर उगाई गई तीन एकड़ सरसों की फसल को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे किसान का करीब 2.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

Bawal News बेटी के हाथ पीले करने का था सपना

किसान लीलू के लिए यह फसल सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि उनकी बेटी का भविष्य थी। आगामी 13 मई को उनकी बेटी की शादी तय है। एक कैंसर पीड़ित पिता ने दिन-रात एक करके, अपनी बीमारी की परवाह किए बिना खेतों में पसीना बहाया था ताकि फसल बेचकर वह धूमधाम से अपनी लाड़ली को विदा कर सके। फसल कटकर तैयार थी और खेत में ही एक जगह इकट्ठा की गई थी, लेकिन शादी की शहनाइयां गूंजने से पहले ही वहां मातम का सन्नाटा पसर गया। (Agriculture News)

रंजिश की आशंका: नहीं थी शॉर्ट सर्किट की गुंजाइश

घटना दोपहर की है, जब अचानक खेत से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। जब तक ग्रामीण और दमकल विभाग की गाड़ियां (112 टीम के साथ) मौके पर पहुंचीं, तब तक सब कुछ खाक हो चुका था।

साजिश का अंदेशा: पीड़ित किसान का स्पष्ट कहना है कि यह कोई प्राकृतिक आपदा या हादसा नहीं है।

तर्क: खेत के ऊपर से या आसपास कोई भी बिजली की हाई-वोल्टेज तारें नहीं गुजर रही हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट की कोई संभावना बने।

लीलू का आरोप है कि किसी ने पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर फसल को आग लगाई है ताकि उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ा जा सके।

प्रशासनिक मदद की गुहार और ग्रामीणों का आक्रोश

इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव राजगढ़ के निवासियों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि एक व्यक्ति जो पहले से ही कैंसर के इलाज के भारी खर्च और शारीरिक पीड़ा से गुजर रहा है, उसके साथ ऐसी क्रूरता असहनीय है।

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