Dausa News दौसा । राजस्थान के दौसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक हुई है। सोमवार दोपहर बांदीकुई एसडीएम कार्यालय उस समय जंग का मैदान बन गया, जब अलवर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई में ऑफिस के एक कर्मचारी को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि, घूसखोर कर्मचारी यह पैसा ‘साहब’ के नाम पर मांग रहा था, जिसके बाद अब एसडीएम की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और ऑफिस के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। Bandikui SDM Office ACB Raid
30 हजार की डिमांड और फिर 20 हजार में तय हुआ सौदा
पूरे मामले की शुरुआत एक जमीन विवाद से हुई। अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया कि, एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 1064 पर बीते 17 अप्रैल को एक शिकायत मिली थी। परिवादी ने आरोप लगाया था कि, उसकी जमीन पर स्टे (स्थगन आदेश) देने की कार्रवाई के बदले बांदीकुई एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की मोटी रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने जब इस शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया, तो मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद भ्रष्ट कर्मचारी और परिवादी के बीच मोलभाव हुआ और सौदा 20 हजार रुपए में तय हो गया। SDM Ramsingh Rajawat News, Aditya Sharma ACB Arrest
15 हजार की पहली किस्त लेते ही टीम ने दबोचा
सोमवार का दिन एसीबी ने ट्रैप के लिए चुना था। कर्मचारी आदित्य शर्मा ने परिवादी को रिश्वत की पहली किस्त लेकर कार्यालय बुलाया था। जैसे ही परिवादी ने उसे 15 हजार रुपए थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी अलवर एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत के रंग लगे नोट बरामद किए हैं। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी कर्मचारी के हाथ-पांव फूल गए और ऑफिस में सन्नाटा पसर गया।
सालों से डेपुटेशन पर जमा था ‘लैब असिस्टेंट’
इस केस में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि, गिरफ्तार किया गया आरोपी आदित्य शर्मा वास्तव में प्रशासनिक सेवा का कर्मचारी नहीं है। वह मूल रूप से शिक्षा विभाग में है, और राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसवा में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। लेकिन अपनी ऊंची पहुंच के चलते वह साल 2020 से यानी पिछले 6 सालों से बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर लगा हुआ था। एक स्कूल का लैब असिस्टेंट कैसे इतने सालों तक एसडीएम दफ्तर में बैठकर फाइलों का निपटारा और उगाही कर रहा था, यह अब बड़ा सवाल बन गया है। Rajasthan Corruption News