Epistemico-2026 अजमेर । राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी अजमेर अब केवल अपनी पुरानी पहचान तक सीमित नहीं रहेगी। मंगलवार को अजमेर (Epistemico-26 Ajmer Tech Fest) के महिला अभियांत्रिकी महाविद्यालय (GWECA) के परिसर से एक ऐसी गूंज उठी, जिसने देश के तकनीकी गलियारों में अपनी धमक महसूस करा दी। अवसर था वार्षिक टेक्नो-कल्चरल उत्सव एपिस्टेमिको-26 के भव्य आगाज का। (Ajmer News Today) लेकिन मंच से जो बातें निकलकर आईं, उन्होंने इस उत्सव को एक नेशनल मिशन का रूप दे दिया। Vasudev Devnani Speech 2026 मुख्य अतिथि और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जब दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की, तो उनकी आंखों में एक बड़ा विजन दिखा। उन्होंने इस कॉलेज को महज एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि विकसित भारत की सबसे मजबूत धुरी करार दिया। (Women Engineering College Ajmer News)
जो पौधा मैंने लगाया था, आज वो वटवृक्ष है: भावुक हुए देवनानी
देवनानी ने अपने संबोधन में पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि अजमेर में उत्तर भारत का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करना उनका एक बड़ा सपना था। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज जब वह इन बेटियों को ड्रोन, कोडिंग और नवाचार की बातें करते देखते हैं, तो उन्हें यकीन हो जाता है कि वह छोटा सा पौधा आज वटवृक्ष बन चुका है। उनके अनुसार यह कॉलेज अब राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नारी सशक्तीकरण का एक असली पावरहाउस है।
एक्सप्लेनर: क्यों एपिस्टेमिको-26 (Epistemico-2026) महज एक उत्सव नहीं, बल्कि एक मूवमेंट है?
STEM में नारी शक्ति का उदय: पूरी दुनिया में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ यानी STEM के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अजमेर का यह कॉलेज इस दिशा में भारत का रोल मॉडल बन चुका है। यहां की छात्राएं यह साबित कर रही हैं कि भविष्य की तकनीक पर अब किसी एक का एकाधिकार नहीं रहेगा।
ग्रामीण भारत की समस्याओं का डिजिटल इलाज: देवनानी जी ने छात्राओं को एक बड़ा चैलेंज दिया। उन्होंने कहा कि असली इंजीनियर वही है जो एसी कमरों से निकलकर खेत की मिट्टी की समस्या सुलझाए। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे राजस्थान की चिलचिलाती धूप यानी सोलर एनर्जी और पानी की भारी किल्लत जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान ढूंढें। उनका इशारा साफ था कि अजमेर की बेटियां अब देश की प्रॉब्लम सॉल्वर बनेंगी। (Viksit Bharat Nari Shakti Mission)
एक विश्व, एक भविष्य का ग्लोबल संदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए देवनानी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है। जब अजमेर के इस मंच पर असमिया युगल नृत्य और राजस्थानी लोक नृत्य की जुगलबंदी हुई, तो इसने वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को जीवंत कर दिया। यह दिखाता है कि भारत की बेटियां अपनी जड़ों को सहेजते हुए ही आसमान छूने की काबिलियत रखती हैं।
अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का नया पाठ: तकनीक अक्सर इंसान को मशीनी बना देती है, लेकिन यहाँ देवनानी जी ने मानवीय मूल्यों और राष्ट्रप्रेम पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि समय प्रबंधन और कड़ा अनुशासन ही वो हथियार हैं, जिनसे विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध किया जा सकता है।