Delhi News नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम आने से ठीक पहले दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने दिल्ली की आबो-हवा सुधारने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू किया है। डीपीसीसी ने दिल्ली भर में पहचान की गई 40 सबसे ज्यादा प्रदूषित जगहों (हॉटस्पॉट) पर हवा का प्रदूषण कम करने के लिए नई और आधुनिक तकनीकों को आजमाने का फैसला लिया है।
इसके लिए सरकार ने कंपनियों से टेंडर (सरकारी बोली) मांगे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल पानी छिड़कने जैसे पुराने तरीकों के बजाय ऐसी नई मशीनों और तकनीकों का इस्तेमाल करना है जो हवा में मौजूद धूल, जहरीले धुएं और बारीक कणों को तुरंत कम कर सकें।
दिल्ली की जनता को क्या-क्या सीधे फायदे होंगे?
40 सबसे प्रदूषित इलाकों में सीधी राहत: दिल्ली के जिन 40 इलाकों में प्रदूषण सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर रहता है, वहां ये नई मशीनें और तकनीकें लगाई जाएंगी। इससे वहां रहने वाले और रोज आने-जाने वाले लाखों लोगों को तुरंत साफ हवा मिलेगी।
बीमारियों और सांस की तकलीफ में कमी: हवा में मौजूद धूल और बारीक जहरीले कणों (PM 2.5 और PM 10) के घटने से बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा और फेफड़ों के मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
सर्दियों के जहरीले धुंध (स्मॉग) से बचाव: ठंड के दिनों में आंखों में होने वाली जलन, गले की खराश और दम घुटने जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
सड़कों पर साफ दिखेगा (बेहतर विजिबिलिटी): धुंध और धुएं का असर कम होने से सड़कों पर गाड़ियां चलाने में आसानी होगी, जिससे हादसों का खतरा कम होगा।