Hindi News नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड-डी-कैंप (ADC) के तौर पर सेवाएं दे चुके मेजर ऋषभ सिंह सांख्याल के हालिया बयानों ने नया खुलासा किया है। इस नौकरी की अनकही बातें सामने आई हैं।
दरअसल, राष्ट्रपति भवन में प्रोटोकॉल की चमक-धमक और वर्दी की शान के पीछे छिपे कड़े अनुशासन, निजी जीवन के त्याग और 24 घंटे की सतर्कता की पूरी इनसाइड स्टोरी। जानिए, क्यों ऐसे उन्हें आम जिंदगी जीने का अधिकार नहीं?
शादी न करने का नियम…
मेजर ऋषभ सिंह सांख्याल ने बताया कि, ADC के पद के लिए कुछ बेहद कड़े और अनिवार्य नियम होते हैं।
शादी पर पाबंदी: सेवा अवधि के दौरान ADC शादी नहीं कर सकते।
परिवार से दूरी: उन्हें अपने परिवार से पूरी तरह दूर रहना पड़ता है।
निजी जीवन का बलिदान: मेजर ऋषभ के अनुसार, मेरी शादी नहीं हुई है। ADC के लिए नियम है कि, वे शादी नहीं कर सकते और उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता है। मुझे लगता है कि यह सबसे बड़ा त्याग है।
आम इंसान की तरह बाहर नहीं घूम सकते…
राष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे और गरिमा का हिस्सा होने के कारण एक ADC कभी भी अपनी निजी जिंदगी सामान्य तरीके से नहीं जी सकता। उन्होंने बताया कि, वह एक आम इंसान की तरह बाहर नहीं जा सकता और जिंदगी का मजा नहीं ले सकता। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत गतिविधियों की मनाही, कड़ी सुरक्षा निगरानी और हर समय ड्यूटी के लिए अलर्ट रहना इस पद की प्राथमिक शर्तों में शामिल है।
कार में उतरने और बैठने की प्लानिंग
राष्ट्रपति के सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं के दौरान सुरक्षा का स्तर इतना अचूक होना चाहिए कि, गलती की गुंजाइश शून्य प्रतिशत (0%) होती है। मेजर ऋषभ ने इस सुरक्षा चक्र का गणित समझाते हुए कहा कि…