23 September History/Aaj kya hai (23 सितंबर का इतिहास) नई दिल्ली । इतिहास के पन्नों में 23 सितंबर की तारीख दर्जनों ऐसी युग-गाथाओं, वैज्ञानिक खोजों और राजनीतिक बदलावों की साक्षी रही है, जिन्होंने भारत सहित पूरी दुनिया के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक भूगोल को नया आकार दिया। प्राचीन यूनानी नौसेना की विशाल विजय से लेकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों के योगदान और आधुनिक भारत की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं के आगाज तक, इस दिन की हर एक घटना का अपना एक विशेष और अमिट महत्व है।
प्राचीन, मध्यकालीन इतिहास और शुरुआती युद्ध
सलामी की प्रसिद्ध लड़ाई (480 ईसा पूर्व): प्राचीन ग्रीस और फारस के मध्य ऐतिहासिक बैटल ऑफ सलामी (Battle of Salamis) लड़ा गया। इस भीषण नौसैनिक युद्ध में यूनानी नौसेना ने फारसी साम्राज्य की विशाल सेना पर निर्णायक और ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। Today special day in India
वर्म्स का समझौता (1122): कैथोलिक चर्च और पवित्र रोमन साम्राज्य के बीच ऐतिहासिक कॉनकॉर्डैट ऑफ वर्म्स (Concordat of Worms) पर हस्ताक्षर हुए। इसने यूरोप में लंबे समय से राजाओं और पोप के मध्य चले आ रहे क्षेत्राधिकार विवाद को शांत किया।
इतिहास का सबसे खर्चीला शाही भोज (1387): इंग्लैंड के तत्कालीन सम्राट रिचर्ड द्वितीय के सम्मान में इतिहास का अत्यंत भव्य और विशाल शाही भोज (King Richard’s Feast) आयोजित किया गया था।
इतिहास को बदलने वाले घटनाक्रम…
अरबों का खजाना लेकर डूबा मर्चेंट रॉयल (1641): इंग्लैंड का विख्यात व्यापारिक जहाज मर्चेंट रॉयल स्पेन से अरबों रुपये मूल्य का विशाल सोना-चांदी लेकर लौटते समय अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गया। इस अमूल्य मलबे की खोज आज तक जारी है।
बेलग्रेड शांति समझौता (1739): रूस और तुर्की के साम्राज्य के बीच ऐतिहासिक बेलग्रेड शांति संधि पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।
फ्लैम्बोरॉ हेड की नौसैनिक जीत (1779): अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध के दौरान साहसी नौसेना कमांडर जॉन पॉल जोन्स ने ब्रिटिश बेड़े को शिकस्त देकर अपनी सैन्य रणनीति का लोहा मनवाया।
असाये का युद्ध (1803): द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा साम्राज्य के बीच असाये की लड़ाई (Battle of Assaye) हुई, जिसमें मराठा सेना को भारी क्षति झेलनी पड़ी।
नेप्च्यून ग्रह की ऐतिहासिक खोज (1846): खगोल विज्ञान के क्षेत्र में युगांतरकारी खोज हुई। जर्मन खगोलशास्त्री जोहान गॉटफ्रीड गाले ने केवल गणितीय गणनाओं के आधार पर सौरमंडल के आठवें ग्रह नेप्च्यून (Neptune) को पहली बार देखा और खोज निकाला। Today In History
बिस्मार्क बने प्रशिया के प्रधानमंत्री (1862): कूटनीति के महान जनक ऑटो वॉन बिस्मार्क को प्रशिया का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया, जिन्होंने आगे चलकर विभाजित जर्मन रियासतों का एकीकरण कर विशाल जर्मन साम्राज्य की स्थापना की।
निंटेंडो की नींव (1889): जापान के क्योटो शहर में फुसाजिरो यामाउची ने निंटेंडो (Nintendo) कंपनी की स्थापना की। शुरुआत में यह कंपनी ताश के पत्ते (Hanafuda cards) बनाती थी, जो वर्तमान समय में दुनिया की सबसे दिग्गज वीडियो गेम कंपनियों में से एक है।
ऐतिहासिक पड़ाव और भारत का योगदान…
फैंटम ऑफ द ओपेरा का प्रकाशन (1909): फ्रांसीसी लेखक गैस्टन लेरौक्स का कालजयी उपन्यास फैंटम ऑफ द ओपेरा पहली बार एक प्रमुख समाचार पत्र में धारावाहिक रूप में प्रकाशित हुआ।
हाइफा युद्ध और भारतीय कैवेलरी की वीरता (1918): प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में शामिल भारतीय घुड़सवार टुकड़ियों (जोधपुर, मैसूर और हैदराबाद लान्सर्स) ने अदम्य साहस दिखाते हुए ऑटोमन साम्राज्य के कब्जे से इजरायल के रणनीतिक हाइफा शहर को मुक्त कराया था। इस अद्वितीय पराक्रम की याद में प्रतिवर्ष भारत में हाइफा दिवस मनाया जाता है।
कु-प्रथा पर प्रहार-शारदा कानून (1929): भारतीय समाज सुधार के इतिहास में बाल विवाह पर कानूनी रोक लगाने के लिए ऐतिहासिक शारदा कानून (बाल विवाह निरोधक अधिनियम) पारित हुआ।
सऊदी अरब साम्राज्य का गठन (1932): शाह अब्दुल अजीज इब्न सऊद ने हिजाज और नज्द के दो बड़े क्षेत्रों का एकीकरण कर आधिकारिक रूप से सऊदी अरब साम्राज्य की स्थापना की घोषणा की। इसी ऐतिहासिक उपलक्ष्य में हर वर्ष 23 सितंबर को सऊदी अरब का राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
रिचर्ड निक्सन की चेकर्स स्पीच (1952): अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रिचर्ड निक्सन ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने प्रसिद्ध भाषण से राजनीतिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का खंडन कर अपने राजनीतिक करियर को बचाया।
बगदाद समझौता (1955): पाकिस्तान ने मध्य-पूर्व क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत बने बगदाद पैक्ट पर हस्ताक्षर कर पश्चिमी गुट में अपनी स्थिति मजबूत की।
भारत-पाक युद्धविराम (1965): संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहल और शांति प्रयासों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा 1965 का दूसरा कश्मीर युद्ध आधिकारिक युद्धविराम की घोषणा के साथ समाप्त हुआ।
आर्मेनिया की स्वतंत्रता (1991): सोवियत संघ (USSR) के बिखराव की प्रक्रिया के बीच आर्मेनिया ने खुद को एक संप्रभु और स्वतंत्र देश घोषित किया।
पायलट रहित विमान लक्ष्य का सफल परीक्षण (1992): भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करते हुए स्वदेशी तकनीक से बने बिना पायलट वाले लक्ष्यभेदी विमान लक्ष्य (Lakshya) का सफल परीक्षण किया।