Rajasthan News महवा/दौसा । राजस्थान की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले तीन दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tika Ram Jully) रविवार दोपहर जब अचानक महवा के हिंडौन रोड पर रुके, तो सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई। जयपुर से हिंडौन सिटी के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे इन नेताओं का महवा में रुकना महज एक ‘टी-ब्रेक’ था, या इसके पीछे कोई गहरा सियासी संदेश, इसे लेकर चर्चाएं गर्म हैं। Rajasthan Congress
कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन: फूलों से पट गई सड़कें (Dausa Political News)
जैसे ही इन दिग्गजों का काफिला महवा पहुंचा, यूथ कांग्रेस के लोकेंद्र सैनी और सुनील शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यकर्ताओं ने न केवल पुष्प वर्षा की, बल्कि अपने शीर्ष नेताओं के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। जिस गर्मजोशी से कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया, उसने यह साफ कर दिया कि, सत्ता से बाहर होने के बावजूद कार्यकर्ताओं में इन नेताओं को लेकर क्रेज कम नहीं हुआ है।
महवा में अचानक जुटी भीड़ के ‘सियासी मायने’
जानकारों की मानें तो महवा में इन नेताओं का रुकना और कार्यकर्ताओं से मिलना कई रणनीतिक संकेतों की ओर इशारा करता है।
ग्राउंड फीडबैक: अशोक गहलोत अपनी ‘जादूगरी’ और जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। चलते-चलते कार्यकर्ताओं से मिलना उन्हें इलाके की वास्तविक राजनीतिक स्थिति का फीडबैक दे देता है।
सोशल इंजीनियरिंग: महवा क्षेत्र सैनी और अन्य समुदायों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गहलोत और डोटासरा का यहां रुकना उस वोट बैंक को साधे रखने की एक कोशिश हो सकती है।