Rewari News Today रेवाड़ी । हरियाणा के रेवाड़ी जिले की पर्यावरणीय पहचान को नया जीवन देने के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू होने जा रहा है। मसानी बैराज को आधिकारिक तौर पर ‘वेटलैंड’ (आर्द्रभूमि) घोषित कराने के लिए आगामी 5 अप्रैल से एक विशाल सिग्नेचर अभियान (हस्ताक्षर अभियान) चलाया जाएगा। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन तक जनता की आवाज पहुंचाना है, ताकि इस क्षेत्र को संरक्षण मिल सके। (Rewari News Today)
क्यों उठ रही है मसानी बैराज को वेटलैंड बनाने की मांग?
हाल ही में ‘राष्ट्रीय प्रकृति पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन संस्था’ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है। संस्था के संयोजक और पूर्व रेंज अधिकारी कमल सिंह यादव (खेजड़ी बचाओ अभियान के प्रणेता) का कहना है कि, मसानी बैराज वेटलैंड बनने की तमाम शर्तों को पूरा करता है। वर्तमान में हरियाणा में भिंडावास और सुल्तानपुर झील ही रामसर साइट्स (अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड) के रूप में मान्यता प्राप्त हैं। मसानी बैराज में भी वह क्षमता है कि, इसे उसी तर्ज पर विकसित किया जा सके। (Rewari News Today)
- अभियान की शुरुआत: 5 अप्रैल 2026।
- क्षेत्र: मसानी बैराज करीब 400 एकड़ में फैला हुआ है।
- प्रभाव: यह लगभग 25+ गांवों की सीमाओं को कवर करता है।
- मुख्य मांग: दूषित पानी का उपचार कर इसे शुद्ध जलाशय बनाना और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
प्रवासी पक्षियों का रहा है पसंदीदा ठिकाना
इतिहास गवाह है कि, साल 2012 में जब लाल बहादुर शास्त्री रिचार्ज कैनाल द्वारा यहां साफ पानी छोड़ा गया था, तब यहां जैव विविधता का अद्भुत नजारा देखने को मिला था। उस समय यहां साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगो, रफ, तिदार, गुलाबी पेलिकन, ग्रेटर स्पॉटेड ईगल और रेड हेडेड फाल्कन जैसी दुर्लभ प्रजातियां देखी गई थीं। यदि इसे वेटलैंड का दर्जा मिलता है, तो न केवल इन पक्षियों की वापसी होगी, बल्कि यह क्षेत्र इको-टूरिज्म का बड़ा केंद्र भी बनेगा। (Rewari News Today)
प्रदूषण और बीमारियों से मुक्ति की आस
मौजूदा समय में मसानी बैराज में जमा दूषित पानी आसपास के गांवों के लिए मुसीबत बना हुआ है। भूजल खराब होने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और लोगों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। संस्था का मानना है कि, यदि सरकार इसे वेटलैंड घोषित कर पानी को ट्रीट (उपचारित) करने की व्यवस्था करती है, तो जल प्रदूषण का खतरा खत्म हो जाएगा और किसानों की जमीन भी बंजर होने से बच जाएगी। (Kamal Singh Yadav Masani Barrage)