भारत की पहली ‘हाई-टेक’ जनगणना: मोबाइल और लैपटॉप है या नहीं? अब डिजिटल ऐप खोलेगी आपकी पोल!

Census of India 2027 नई दिल्ली ।  भारत की जनगणना अब केवल कागजों के पुलिंदों और स्याही के निशानों तक सीमित नहीं रहेगी। साल 2027 में होने जा रही देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ एक ऐसा क्रांतिकारी कदम है, जो हर भारतीय के रहन-सहन और उसकी डिजिटल पहुंच का कच्चा-चिट्ठा खोलकर रख देगा। हाल ही में हरियाणा के रेवाड़ी जिले में जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई ‘फील्ड ट्रेनर्स’ की ट्रेनिंग ने इस महा-अभियान की सुगबुगाहट तेज कर दी है। इस बार प्रगणक (Enumerator) हाथ में रजिस्टर लेकर नहीं, बल्कि स्मार्टफोन और टैबलेट लेकर आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे।

33 सवालों का डिजिटल जाल: क्या छुपाना होगा मुश्किल?

जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण के दौरान कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। ये सवाल इस तरह तैयार किए गए हैं कि इनसे किसी भी परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का सटीक अंदाजा लगाया जा सके। (भारत की जनगणना 2027)

डिजिटल कुंडली: इस बार सरकार यह जानना चाहती है कि ‘डिजिटल इंडिया’ का लाभ असल में कहां तक पहुंचा है। सवाल नंबर 28 से 30 के बीच आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपके पास इंटरनेट सुविधा है? क्या घर में लैपटॉप या कंप्यूटर है? और क्या आपके पास स्मार्टफोन है? इन सवालों के जवाब से देश की डिजिटल साक्षरता का ग्राफ तैयार होगा। (Digital Census 2027 India)

रसोई से लेकर छत तक का हिसाब: केवल गैजेट्स ही नहीं, बल्कि आपके घर की बनावट (फर्श, दीवार और छत की सामग्री), पीने के पानी का स्रोत, शौचालय का प्रकार और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन (LPG/PNG) भी दर्ज किया जाएगा।

संपत्ति का ब्यौरा: आपके पास साइकिल है, स्कूटर है या चार पहिया गाड़ी-सवालों की यह फेहरिस्त आपकी जीवनशैली की पूरी तस्वीर सरकार के सामने रख देगी। (Rewari Census Training News)

रेवाड़ी बना ट्रेनिंग ग्राउंड: जमीन पर उतरी थ्योरी

इस डिजिटल क्रांति का आगाज जमीनी स्तर पर शुरू हो चुका है। रेवाड़ी के राज इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 32 फील्ड ट्रेनर्स को इस जटिल प्रक्रिया की बारीकियां समझाई गईं। नोडल अधिकारी अमित कुमार और नगराधीश जितेंद्र कुमार की देखरेख में इन ट्रेनर्स ने केवल कमरों में बैठकर पढ़ाई नहीं की, बल्कि पोसवाल चौक और सेक्टर 4 जैसे व्यस्त इलाकों में जाकर ‘प्रैक्टिकल फील्ड ट्रेनिंग’ भी की। (33 Questions of Indian Census)

ज्वाइंट डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह रावत ने साफ किया कि इस बार डेटा की सुरक्षा और शुद्धता पर सबसे ज्यादा जोर है। मोबाइल ऐप के जरिए डेटा रियल-टाइम में सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

स्व-गणना: अपनी जानकारी खुद भरें

इस जनगणना की सबसे बड़ी सुविधा ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ है। 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 के बीच आप खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 2 मई से 31 मई तक प्रगणक उन घरों का दौरा करेंगे जिन्होंने खुद जानकारी नहीं भरी है।

कानूनी चेतावनी: जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 के तहत इन 33 सवालों का सही और सत्य उत्तर देना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। गलत जानकारी देना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।

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