Rewari News रेवाड़ी । हुसैनपुर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन बुधवार को उत्साह का माहौल रहा। शिविर के माध्यम से कर्मचारियों को केवल उनके कर्तव्यों तक सीमित न रखकर, उन्हें आधुनिक कार्यप्रणाली और व्यक्तिगत विकास (Personal Development) के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रवीण यादव ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। (diet office rewari)
स्वच्छता और स्वास्थ्य: स्वस्थ कर्मचारी, श्रेष्ठ कार्य
मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण यादव ने स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य (Cleanliness and Hygiene) विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रुप-डी कर्मचारी किसी भी सरकारी संस्थान की पहली कड़ी होते हैं। यदि वे स्वच्छता के मानकों को सही से समझते हैं, तो पूरे संस्थान का वातावरण सकारात्मक और संक्रमण मुक्त रहता है। उन्होंने कचरा प्रबंधन, हाथ धोने की सही तकनीक और कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में बताया। डॉ. यादव ने जोर दिया कि, शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी है, जिसके लिए स्वच्छ वातावरण प्राथमिक शर्त है।
डिजिटल युग की चुनौती: कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान
आज के दौर में फाइलों के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड का महत्व बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईटी एक्सपर्ट राकेश कुमार ने कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी (Basic Knowledge of Computer) पर एक विशेष सत्र लिया। उन्होंने कर्मचारियों को कंप्यूटर ऑन-ऑफ करने से लेकर, फाइल फोल्डर संभालने और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया। राकेश कुमार ने कहा कि, ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीक से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे अपना दोस्त बनाना चाहिए। कंप्यूटर के छोटे-छोटे काम खुद कर लेने से कार्य की गति बढ़ती है और निर्भरता कम होती है।
भूमिका और उत्तरदायित्व: संस्थान की रीढ़ हैं कर्मचारी
बायोलॉजी लेक्चरर हवा सिंह ने कर्मचारियों को उनके पद की गरिमा और जिम्मेदारियों (Role and Responsibilities) का अहसास कराया। उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में समझाया कि एक माली, चौकीदार या सेवादार का काम केवल ड्यूटी करना नहीं है, बल्कि संस्थान की संपत्तियों की रक्षा करना और व्यवस्था को सुचारू बनाना है। उन्होंने बताया कि किस तरह अपनी कार्यप्रणाली में थोड़ा सा बदलाव कर वे अपने काम को और अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं।