Haryana weather update चंडीगढ़ | पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और उत्तर भारत में सक्रिय हुए नए Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) ने हरियाणा में एक बार फिर हल्की ठंड का अहसास करा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए अगले दो दिनों का Yellow Alert जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में मौसम पलटने वाला है।
Olavrushti in Haryana-19 और 20 मार्च: ओलावृष्टि और भारी बारिश का ‘डेंजर जोन’
IMD के आंकड़ों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव दो चरणों में पूरे हरियाणा को प्रभावित करेगा। (Wheat Crop Advisory)
19 मार्च (धूल भरी आंधी): मंगलवार को हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और रोहतक में 40-50 KM/H की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है। इन इलाकों में प्रशासन ने ओलावृष्टि को लेकर खास सावधानी बरतने को कहा है।
20 मार्च (राज्यव्यापी बारिश): बुधवार को बारिश का जोर बढ़ेगा। अंबाला, यमुनानगर, करनाल और पंचकूला जैसे उत्तरी जिलों के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जैसे दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
एक्सप्लेनर: किसान भाइयों की फसलों के लिए खतरा
यह बेमौसम बारिश और आंधी रबी की फसलों के लिए Unseasonal Rain (बेमौसम बरसात) का संकट लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों ने इसे लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
गेहूं की फसल इस समय पकने की अंतिम अवस्था में है। बालियां भारी हो चुकी हैं, ऐसे में तेज हवा चलने पर फसल जमीन पर बिछ सकती है। (IMD Yellow Alert) (Western Disturbance Haryana)
बचाव: जब तक हवा की गति कम न हो, खेतों में सिंचाई (Irrigation) बिल्कुल न करें। पीली रतुआ और कीटों पर नजर रखें, लेकिन स्प्रे तभी करें जब आसमान पूरी तरह साफ हो जाए।
बचाव: अगर आपने फसल काट ली है, तो उसे खुले खेतों में न छोड़ें। ओलावृष्टि दानों को झड़ा सकती है, इसलिए कटी हुई फसल को ऊंचे स्थान पर तिरपाल से ढककर रखें। Pesticide Spray (कीटनाशक छिड़काव) को फिलहाल टाल दें क्योंकि बारिश दवा का असर खत्म कर देगी।
तापमान का गणित: सिरसा सबसे ठंडा, नारनौल में भारी गिरावट
सबसे ठंडा स्थान: सिरसा में न्यूनतम तापमान गिरकर 10.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
सबसे ज्यादा गिरावट: नारनौल में सामान्य के मुकाबले तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की भारी कमी देखी गई है।
अधिकतम तापमान: राज्य में सबसे अधिक गर्मी नूंह में रही, जहां तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन आने वाले 3 दिनों में यहां भी 5 से 7 डिग्री की गिरावट आने वाली है।
यपशुपालन और आम जनता के लिए विशेष सलाह
मौसम में अचानक आए इस Fluctuation (उतार-चढ़ाव) से बचाव जरूरी है।
पशुओं का ध्यान: रात के समय पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें गीले चारे से बचाएं। ठंड के कारण पशुओं के दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
सफर में सावधानी: 19 मार्च को तेज आंधी के दौरान हाईवे पर यात्रा करने से बचें। पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
स्वास्थ्य: सुबह और शाम की ठिठुरन वायरल बीमारियों को न्योता दे सकती है, इसलिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखें।
क्यों बदला मौसम?
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव Climate Change और पहाड़ों में सक्रिय हुए विक्षोभ का संयुक्त असर है। आमतौर पर मार्च के मध्य में मौसम शुष्क रहता है, लेकिन इस बार नमी वाली हवाओं ने हरियाणा में ‘विंटर रिट्रीट’ की स्थिति पैदा कर दी है। 21 मार्च के बाद ही धूप निकलने और मौसम साफ होने की उम्मीद है।