Atal Tunnel Accident News Live: मनाली में कुदरत का कहर! अटल टनल पर भारी बर्फबारी, आफत में फंसी 1000 गाड़ियां, रेस्क्यू शुरू

Atal Tunnel Accident News Live मनाली/रोहतांग | पर्यटन नगरी मनाली में मौसम ने अचानक ऐसी करवट बदली (Atal Tunnel Snowfall) कि खुशियों का सफर पल भर में आफत में बदल गया। (Manali Weather Update) अटल टनल के साउथ पोर्टल पर अचानक हुई भारी बर्फबारी के कारण वहां करीब 1000 से ज्यादा गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गई हैं। (Tourist Rescue Manali) सफेद बर्फ की मोटी चादर ने टायरों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे सैंकड़ों पर्यटक कड़ाके की ठंड में बीच राह ठिठुरने को मजबूर हो गए। (Heavy Snow in Himachal)

Manali Traffic Alert: सफेद आफत में फंसी जिंदगी

दरअसल, रविवार दोपहर के बाद जैसे ही आसमान से बर्फ की रुई गिरने लगी, देखते ही देखते अटल टनल के पास नजारा बदल गया। जो पर्यटक बर्फ का आनंद लेने पहुंचे थे, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह बर्फबारी उनके लिए मुसीबत बन जाएगी। रास्तों पर बर्फ जमने के कारण गाड़ियां फिसलने लगीं और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई।

आधी रात को देवदूत बनकर पहुंची पुलिस और BRO

जैसे ही प्रशासन को इसकी भनक लगी, मनाली पुलिस और Border Roads Organisation (BRO) की टीमें अपनी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं। हड्डियां गला देने वाली ठंड और शून्य से नीचे के तापमान के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है।

  • मिशन रेस्क्यू: पुलिस की टीमें एक-एक करके फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित मनाली की ओर निकाल रही हैं।
  • मशीनों का जोर: BRO के स्नो कटर बर्फ को काटकर रास्ता साफ करने में जुटे हैं।
  • प्रशासन की अपील: पुलिस ने साफ कहा है कि जब तक रास्ता पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए, तब तक कोई भी वाहन टनल की ओर न ले जाएं।

अधिकारी बोले- घबराएं नहीं, मदद जारी

मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। हालांकि अंधेरा और लगातार गिरती बर्फ काम में बाधा डाल रही है, लेकिन जवानों के हौसले बुलंद हैं। अगर आप भी मनाली जाने का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल रुक जाएं और मौसम साफ होने का इंतजार करें।

समुद्र से 10 हजार फीट ऊंची है अटल टनल? (Location & Significance)

न्यूज वॉइस के सूत्रों के मुताबिक, अटल टनल हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी के केलांग से जोड़ने वाली एक रणनीतिक सुरंग है। यह हिमालय की पीर पंजाल पर्वतमाला में रोहतांग दर्रे के नीचे बनाई गई है। समुद्र तल से 10,000 फीट (3,000+ मीटर) से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब राजमार्ग सुरंग है। यह न केवल मनाली और लेह के बीच की दूरी को 46 किलोमीटर कम करती है, बल्कि यात्रा के समय में भी 3 से 4 घंटे की भारी बचत करती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह भारी बर्फबारी के बावजूद लद्दाख को पूरे साल शेष भारत से जोड़े रखती है।

अटल टनल की मुख्य विशेषताएं

  • निर्माण: यह सुरंग बीआरओ (Border Roads Organisation – BRO) द्वारा बनाई गई है, जिसका उद्घाटन 3 अक्टूबर 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया।
  • स्थिति: यह मनाली के पास धुंडी और लाहौल घाटी में सिसु (North Portal) को जोड़ती है, जो 3,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर है।
  • सुरक्षा मजबूत: इसमें हर 60 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे और हर 150 मीटर पर आपातकालीन निकास द्वार हैं, और यह 4G इंटरनेट कनेक्टिविटी वाली पहली सुरंग है।
  • सैना के लिए महत्व: यह सुरंग न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि सशस्त्र बलों के लिए लद्दाख तक एक सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है, जो सर्दियों में भी खुला रहता है।
  • यात्रा का समय: पहले जहां रोहतांग दर्रे से गुजरने में बहुत समय लगता था, वहीं अब यह सुरंग 10 मिनट से भी कम समय में पूरी हो जाती है।

अटल टनल में अब तक 5 बार फंस चुके हैं लोग, यह छठा मामला

  • 23-24 दिसंबर 2024: भारी बर्फबारी के बाद मनाली और अटल टनल के बीच सोलांग वैली में लगभग 1000 वाहन फंस गए, जिसमें 700 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • 30 दिसंबर 2022: भारी बर्फबारी के कारण धुंधी (साउथ पोर्टल) के पास 400 से ज्यादा गाड़ियां फंस गईं, जिसमें 12 घंटे से अधिक समय तक पर्यटक फंसे रहे।
  • जनवरी 2021: लाहौल-स्पीति पुलिस ने अटल टनल के पास बर्फबारी के कारण फंसे 300 से अधिक पर्यटकों को रेस्क्यू किया।
  • जनवरी 2026 (अंतिम सप्ताह): टनल के पास बर्फ में फंसे 2 मजदूरों को पुलिस ने बचाया।
  • सितंबर 2018: जब टनल पूरी तरह नहीं बनी थी, तब भी खराब मौसम के कारण लाहौल में फंसे लोगों को निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।
  • मार्च 2026ः अब भी 1000 करीब गाड़ियां अटल टनल में फंस चुकी हैं, जहां लोग प्रशासन का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, टीमें रेस्क्यू में जुट चुकी हैं, जो लगातार प्रयास चल रहा है।

क्यों यहां घंटों फंस रहे हैं पर्यटक, न्यूज़ वॉइस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

दुनिया की सबसे ऊंची टनल अटल टनल (Atal Tunnel) आज न सिर्फ लाहौल-स्पीति की लाइफलाइन है, बल्कि पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण भी बन चुकी है। लेकिन हाल के दिनों में यह टनल पर्यटकों के लिए किसी दुःस्वप्न (Nightmare) से कम साबित नहीं हो रही है। लोग यहां घंटों ट्रैफिक जाम में फंस रहे हैं। न्यूज़ वॉइस (News Voice) के रिपोर्टर दिनेश कुमार ने ग्राउंड जीरो पर जाकर लोगों और प्रशासन से बात की और यह जानने की कोशिश की कि आखिर इस आधुनिक टनल में लोग क्यों फंस रहे हैं।

दिनेश कुमार की ग्राउंड रिपोर्ट: फंसने के 4 बड़े कारण

टनल के भीतर ‘रील’ और ‘सेल्फी’ का मोह

रिपोर्टर दिनेश कुमार के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या पर्यटकों का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। अटल टनल के अंदर गाड़ी रोकना सख्त मना है, लेकिन लोग फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में गाड़ियां रोक देते हैं। एक गाड़ी रुकने का मतलब है पीछे से आ रही सैकड़ों गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लगना।

ओवरस्पीडिंग और ओवरटेकिंग की होड़

टनल के भीतर गति सीमा 40-60 किमी/घंटा निर्धारित है। दिनेश कुमार ने बताया कि कई पर्यटक ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं, जिससे छोटी-मोटी टक्करें हो जाती हैं। टनल के संकरे रास्ते में एक भी हादसा पूरे रूट को घंटों के लिए ब्लॉक कर देता है।

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