Election News भरतपुर । राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद भावुक, हैरान और आंखों में आंसू ला देने वाली खबर सामने आई है। नदबई नगरपालिका चुनाव के नतीजों में एक ऐसा वाकया घटा, जिसे देखकर और सुनकर हर कोई दंग रह गया। यहां एक मां ने अपनी अंतिम सांसों से ठीक पहले अपने बेटे को चुनाव जिताने के लिए अपना वोट डाला और नतीजे आने के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया।
महज 1 वोट के अंतर से तय हुई जीत-हार
नदबई नगरपालिका चुनाव के वार्ड संख्या 6 में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी जगदीश प्रसाद का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी रामशरण से था।
- वोटों की गिनती के दौरान मुकाबला बेहद रोमांचक रहा।
- जब अंतिम परिणाम घोषित हुए, तो निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश प्रसाद ने बीजेपी उम्मीदवार रामशरण को मात्र 1 वोट के अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।
1 वोट की कीमत और मां का वो ‘आखरी त्याग’
जीत का अंतर केवल 1 वोट था, और वही 1 वोट जगदीश प्रसाद की बुजुर्ग मां का था।
मां का संकल्प: बीमारी और ढलती उम्र के बावजूद मां ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने बेटे के पक्ष में वोट डाला था।
जीत के बाद मातम: बेटे की इस कांटे की टक्कर में हुई जीत में उनकी मां का वोट ही निर्णायक साबित हुआ। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, अपने बेटे की जीत तय करने और उसे विजयी बनता देखने के बाद मां ने अपने प्राण त्याग दिए।
नदबई चुनाव परिणाम: एक नजर में…
| पहलू | विवरण |
| स्थान |
नदबई नगरपालिका (वार्ड संख्या 6), भरतपुर, राजस्थान |
| विजेता प्रत्याशी |
जगदीश प्रसाद (निर्दलीय) |
| निकटतम प्रतिद्वंद्वी |
रामशरण (बीजेपी) |
| जीत का अंतर |
मात्र 1 वोट |
| भावुक पहलू |
विजेता प्रत्याशी की मां ने अपना 1 वोट देकर बेटे को जिताया और फिर प्राण त्याग दिए। |
एक मां के प्यार की अनूठी मिसाल
इस घटना ने पूरे इलाके के लोगों को भावुक कर दिया है। जहां एक तरफ बेटे की जीत का जश्न होना था, वहीं दूसरी तरफ मां के जाने के गम में पूरा परिवार और समर्थक डूबे हुए हैं। लोकतंत्र में 1 वोट की क्या ताकत होती है और एक मां अपने बेटे की सफलता के लिए किस हद तक जा सकती है, यह घटना उसकी सबसे बड़ी मिसाल बन गई है। Bharatpur News Nadbai Ward 6 Election, Mother Vote Emotional Story Bharatpur, Independent Candidate Victory 1 Vote