Rewari News/Dharuhera रेवाड़ी/धारूहेड़ा । कहते हैं कि, अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजरों से ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता। रेवाड़ी की धारूहेड़ा थाना पुलिस ने इस बात को सच कर दिखाया है। पुलिस ने गो-तस्करी के एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 24 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था। 1996 के जिस मामले को आरोपी रफा-दफा मान चुका था, उसी ने आज उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। Dharuhera News Live (धारूहेड़ा समाचार) (रेवाड़ी समाचार)
वो रात जब बिछा था, पुलिस का जाल (18 जून 1996)
आज से करीब 30 साल पहले, 18 जून 1996 की रात को धारूहेड़ा पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। खबर थी कि, एक ट्रक में गायों को भरकर हरियाणा से राजस्थान तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत भिवाड़ी रोड स्थित गुजर घंटाल के पास नाकेबंदी कर दी। पुलिस की गाड़ियों को देख तस्करों के हाथ-पांव फूल गए। पकड़े जाने के डर से आरोपी ट्रक को बीच सड़क पर छोड़कर भाग निकले। rewari news hindi
ट्रक में मिलीं 15 गायें, 3 ने तोड़ा था दम
जब पुलिस ने लावारिस ट्रक की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। ट्रक में 15 गोवंश निर्दयता के साथ ठूसे गए थे। दम घुटने और चोट लगने के कारण 3 गायों की मौत हो चुकी थी। जांच के बाद पुलिस ने नूंह जिले के साल्हाका निवासी इरसाद और युनुस को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया।
जमानत मिली और फिर हो गया गायब
जुलाई 1996 में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। आरोपियों को जमानत तो मिल गई, लेकिन उसके बाद उन्होंने कानून का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। आरोपी युनुस कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। थक-हारकर मार्च 2003 में जेएमआईसी एके सिंघल की कोर्ट ने युनुस को पीओ (भगोड़ा) घोषित कर दिया।