Rewari News Today रेवाड़ी/बावल । राजनीति में शब्दों का बड़ा महत्व होता है, लेकिन कभी-कभी अनचाही चूक चर्चा का विषय बन जाती है। सोमवार को रेवाड़ी जिले में भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बस्ती चलो अभियान’ के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कार्यक्रम में पार्टी का झंडा फहराने के बाद जब संबोधन दे रहे थे, तो उनकी जुबान फिसल गई।
47वां या 37वां? कार्यकर्ताओं ने दिलाया याद
अपने भाषण की शुरुआत में राव इंद्रजीत सिंह ने गलती से कह दिया कि, आज भाजपा का 37वां स्थापना दिवस है। जैसे ही उन्होंने यह कहा, वहां मौजूद सतर्क कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें धीरे से टोकते हुए याद दिलाया कि यह 37वां नहीं बल्कि 47वां स्थापना दिवस है। अपनी इस मानवीय भूल को राव इंद्रजीत ने बड़ी ही सहजता और मुस्कुराहट के साथ स्वीकार किया। उन्होंने तुरंत सुधार करते हुए मजाकिया लहजे में कहा, “मैं पहले लंबे समय तक कांग्रेस में रहा हूं, शायद इसलिए यह भूल हो गई।” उनकी इस हाजिरजवाबी ने वहां मौजूद माहौल को हल्का कर दिया।
पहले की चूकों का भी हुआ जिक्र
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि, राव इंद्रजीत से पहले भी कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में ऐसी ‘स्लिप ऑफ टंग’ (जुबान फिसलना) की घटनाएं हो चुकी हैं।
नाम की चूक: करीब चार महीने पहले उन्होंने कोसली विधायक के नाम को लेकर एक प्रशासनिक अधिकारी को टोक दिया था, जबकि बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि अधिकारी सही थे।
स्टैचू ऑफ यूनिटी vs लिबर्टी: सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में भी उन्होंने ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की जगह ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ का उल्लेख किया था।