मास्टरजी का काम आसान या बच्चों की मौज? जयपुर में एआई को लेकर हुआ वो फैसला, जो बदल देगा राजस्थान की किस्मत!

AI in Rajasthan Education जयपुर । राजस्थान की शिक्षा प्रणाली अब एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है, जहां पारंपरिक किताबों के साथ-साथ Artificial Intelligence (AI) की गूंज सुनाई देगी। मंगलवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संवाद कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश के सरकारी स्कूल अब तकनीक के मामले में किसी बड़े प्राइवेट संस्थान से पीछे नहीं रहेंगे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा कि यदि AI in Education को सोच-समझकर अपनाया जाए, तो यह हमारी बुनियादी शिक्षा की पूरी प्रक्रिया को काफी मजबूत बना देगा।

संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था Role of AI in Rajasthan Education। यहां सिर्फ चर्चा नहीं हुई, बल्कि एक ऐसा रोडमैप तैयार किया गया जो आने वाले समय में हर सरकारी स्कूल के बच्चे के हाथ में दुनिया जीतने की चाबी थमा देगा। (Rajasthan News, Rajasthan News Today)

शिक्षक बनेंगे ‘सुपर-टीचर’ और बच्चे सीखेंगे ‘सही प्रश्न’ पूछना

मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में एक बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एआई का मकसद शिक्षकों की जगह लेना कभी नहीं हो सकता, बल्कि यह उन्हें और ज्यादा शक्तिशाली बनाने का एक माध्यम है। राजस्थान सरकार अब ऐसे नए और Innovative Methods खोजने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे क्लासरूम में बच्चों की भागीदारी कई गुना बढ़ जाए और पूरी व्यवस्था में अधिक जवाबदेही आए। जब Educational Technology (EdTech), बेहतर शिक्षण विधियां और सरकार की नीतियां एक साथ मिलेंगी, तो बच्चों के सीखने के परिणाम खुद-ब-खुद बेहतर होंगे।

एक्सप्लेनर: सरकारी स्कूलों में एआई आने से क्या-क्या बदल जाएगा?

रटने वाली पुरानी पद्धति का अंत (End of Rote Learning)

अब तक यह माना जाता था कि सरकारी स्कूलों में केवल रटकर पढ़ाई होती है। लेकिन शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने जोर देकर कहा कि AI Technology बुनियादी साक्षरता और गणित के कठिन सवालों को खेल-खेल में सिखाने में मदद करेगी। अब बच्चा केवल उत्तर नहीं रटेगा, बल्कि उसके पीछे के लॉजिक को समझ पाएगा।

सही प्रश्न पूछने की कला (The Art of Questioning)

संवाद में एक बहुत ही क्रांतिकारी विचार सामने आया— विद्यार्थियों को इस स्तर तक सक्षम बनाना है कि वे Generative AI से केवल उत्तर प्राप्त न करें, बल्कि उससे सही और सटीक प्रश्न पूछना भी सीखें। एआई की दुनिया में सही सवाल पूछना ही सबसे बड़ी स्किल है, और राजस्थान के बच्चे अब स्कूल से ही इसे सीखेंगे।

शिक्षकों के लिए एक ‘डिजिटल असिस्टेंट’ (Digital Assistant for Teachers)

एआई आने से शिक्षकों का बोझ कम होगा। होमवर्क चेक करने से लेकर बच्चों की उपस्थिति और उनके कमजोर विषयों की पहचान करने तक, एआई एक मददगार की तरह काम करेगा। इससे शिक्षकों के पास Quality Teaching के लिए ज्यादा वक्त बचेगा।

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