Rewari News रेवाड़ी । निरक्षरता को मिटाने के लिए बुजुर्गों का उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी सीखने का जज्बा कम नहीं हुआ है। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 मार्च को जिले के 2145 बुजुर्ग और प्रौढ़ अपनी बुनियादी शिक्षा का प्रमाण देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले के पांचों ब्लॉकों में 189 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां ये लर्नर्स (बुजुर्ग व प्रौढ़) अपनी पहली अधिकारिक परीक्षा में बैठेंगे। इस मुहिम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में शहर के मुकाबले कहीं ज्यादा उत्साह है। रेवाड़ी में 370 तो वहीं बावल में 699 बुजुर्ग शामिल होंगे।
ब्लॉकवार डेटा: बावल आगे, नाहड़ सुस्त
शिक्षा विभाग के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो बावल ब्लॉक साक्षरता के लिए इस एग्जाम की दौड़ में सबसे आगे खड़ा है। यहां सबसे अधिक 699 बुजुर्ग परीक्षा देने के लिए तैयार हैं, जिनके लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। दूसरे नंबर पर खोल ब्लॉक है, जहां 44 केंद्रों पर 444 परीक्षार्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। वहीं, रेवाड़ी ब्लॉक में केंद्रों की संख्या सबसे ज्यादा (49) है, लेकिन यहां परीक्षार्थी केवल 370 ही शॉर्टलिस्ट हुए हैं। जाटूसाना में 40 केंद्रों पर 357 और नाहड़ ब्लॉक में सबसे कम 17 केंद्रों पर मात्र 275 बुजुर्ग परीक्षा देंगे।
परीक्षा का फॉर्मूला: 3 घंटे का समय और 50 पर 1 ऑब्जर्वर
यह परीक्षा सामान्य स्कूली परीक्षाओं से अलग होगी। 15 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय किया गया है, ताकि बुजुर्ग अपनी सुविधा अनुसार किसी भी 3 घंटे के स्लॉट में आकर पेपर दे सकें। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त नियम बनाए हैं। हर 50 परीक्षार्थियों पर 1 अॉब्जर्वर की तैनाती की जाएगी। जिस स्कूल में केंद्र बनाया गया है, वहां के मुखिया ही केंद्र अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालेंगे। बिना पंजीकरण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डिजिटल मॉनिटरिंग: उसी दिन चेकिंग और पोर्टल पर फीडिंग
भले ही परीक्षा पेन-पेपर मोड में बुजुर्गों द्वारा दी जा रही हो, लेकिन इसकी मॉनिटरिंग पूरी तरह डिजिटल है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आदेश दिए हैं कि, परीक्षा के तुरंत बाद उसी दिन कॉपियां जांची जाएंगी और उल्लास पोर्टल पर अंकों की फीडिंग भी उसी दिन सुनिश्चित करनी होगी। जो परीक्षार्थी अनुपस्थित रहेंगे, उनका डेटा तुरंत पोर्टल से हटा दिया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं और रजिस्ट्रेशन फॉर्म को अगले 6 महीने तक रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।