Hindi News/Crime News/Cyber Fraud नई दिल्ली । पार्ट-टाइम जॉब, ऑनलाइन टास्क और घर बैठे अतिरिक्त आमदनी का झांसा देकर लोगों को ठगने का नया ट्रेंड सामने आया है। पिछले 9 महीनों में जिले के साइबर थाने में इस तरह के करीब 36 मामले दर्ज हो चुके हैं। शातिर साइबर ठग सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देकर युवाओं, विद्यार्थियों, गृहिणियों और बेरोजगारों को अपना आसान शिकार बना रहे हैं।
ठग पहले व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर गूगल रिव्यू, होटल रेटिंग और लाइक-शेयर जैसे आसान टास्क देते हैं। शुरुआत में 500 से 3,000 रुपये का निवेश कराकर मुनाफे के साथ पैसे लौटा दिए जाते हैं। जब पीड़ित का भरोसा जीत लिया जाता है, तो उनसे 10 हजार से लेकर लाखों रुपये जमा करा लिए जाते हैं। इसके बाद पैसे निकालने के नाम पर खाता ब्लॉक होने, टैक्स भुगतान या सिक्योरिटी फीस का डर दिखाकर और मोटी रकम ऐंठ ली जाती है।
इन 3 वास्तविक मामलों से समझें साइबर ठगी की कार्यप्रणाली…
केस 1 (शक्ति नगर, रेवाड़ी): शक्ति नगर में किराए पर रहने वाली पूनम ने टेलीग्राम पर गूगल रिव्यू टास्क के लिए आवेदन किया। शुरुआत में 800 रुपये के बदले 1,040 रुपये और 3,000 रुपये पर 3,900 रुपये लौटाए गए। इसके बाद भरोसा होने पर अलग-अलग खातों में 15,000 और 60,000 रुपये जमा कराए गए। फिर खाता ब्लॉक होने का डर दिखाकर उनसे कुल 1.35 लाख रुपये ठग लिए गए।
केस 2 (निजी कंपनी कर्मचारी राहुल): राहुल को व्हाट्सएप पर टास्क का मैसेज मिला। टेलीग्राम से जोड़कर 5-स्टार होटल रेटिंग का टास्क दिया गया। 1,000 रुपये जमा करने पर 30% मुनाफे के साथ 1,500 रुपये वापस मिले। बाद में ‘बिजनेस ग्रुप’ में जोड़कर अलग-अलग खातों में 3.41 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
केस 3 (कोसली क्षेत्र): कोसली के यशस्वी से शुरुआत में 750 रुपये डलवाकर भरोसा कायम किया गया। इसके बाद टास्क पूरा करने के नाम पर अलग-अलग चरणों में 11,000 रुपये से शुरुआत करते हुए कुल 8,80,062 रुपये ऐंठ लिए गए।
ठगों के मुख्य निशाने पर कौन?
| लक्षित वर्ग | ठगी की मुख्य वजह |
| विद्यार्थी व युवा |
पॉकेट मनी व जल्दी आमदनी की चाहत के कारण। |
| गृहिणियां व बेरोजगार |
घर बैठे आसानी से पैसे कमाने के विज्ञापनों के कारण। |
| प्राइवेट जॉब वाले |
सैलरी के अलावा एक्स्ट्रा इनकम के लालच में। |
वर्क फ्रॉम होम ठगी में तीसरा आरोपी मनोज गिरफ्तार
साइबर थाना रेवाड़ी पुलिस ने वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लाखों रुपये की ठगी मामले में तीसरे आरोपी मनोज उर्फ मानाराम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हिसार निवासी अमरजीत को टेलीग्राम लिंक पर रजिस्ट्रेशन कराकर 2,02,365 रुपये ठगे गए थे। पकड़े गए आरोपी मनोज के खाते में ठगी के 90,600 रुपये आए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सुरक्षा व बचाव के लिए एसएचओ की अपील
साइबर थाना रेवाड़ी एसएचओ रविंदर सिंह ने बताया कि, जल्दी और ज्यादा मुनाफे के लालच में अनजान जॉब ऑफर पर बिल्कुल भरोसा न करें। किसी भी टास्क या रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी अज्ञात लिंक पर भुगतान न करें। यदि ठगी हो जाए तो बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। Crime News, Cyber Fraud, Rewari News Online Task Fraud, Cyber Police Rewari Work From Home Scam, Rewari Google Review Fraud News