History of AC Power Grid: उफनते झरने से बनी दुनिया की पहली पावरफुल बिजली, आज के दिन निकोला टेस्ला ने बदली आप की किस्मत? 

History of AC Power Grid नई दिल्ली । आज के दौर में अगर आपके घर की बिजली सिर्फ 10 मिनट के लिए कट जाए, तो पसीने छूट जाते हैं। पंखा, कूलर, एसी और मोबाइल चार्जिंग के बिना जिंदगी जैसे थम सी जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बटन दबाते ही आपके घर को रोशन करने वाली यह बिजली इतने बड़े पैमाने पर पहली बार बनी कहां थी? और किसने इस बहते पानी से इतनी ताकत खींच ली कि पूरी दुनिया की किस्मत ही बदल गई? 26 August History, Aaj Ka Itihas, Nikola Tesla, Niagara Falls, Science History, News Voice India

इतिहास के पन्नों में 26 अगस्त 1895 का दिन उसी क्रांति का गवाह बना था। इसी दिन अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित दुनिया के सबसे विशाल और खतरनाक झरनों में से एक नियाग्रा फॉल्स (Niagara Falls) में बने एडम्स हाइड्रोलिक जनरेटिंग प्लांट (Adams Hydroelectric Generating Plant) ने बड़े पैमाने पर अल्टरनेटिंग करंट यानी एसी (AC) बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया था।

क्या दुनिया में बड़े पैमाने पर बिजली बनने का यह पहला मौका था?

हां, यह मानव इतिहास में पहला मौका था जब किसी उफनते प्राकृतिक जलप्रपात (Waterfall) की ताकत को कैद करके, इतने विशाल और बड़े पैमाने पर लंबी दूरी तक सप्लाई होने वाली एसी (AC) बिजली बनाई गई थी। इससे पहले छोटे-छोटे जनरेटर या थॉमस एडिसन का डायरेक्ट करंट (DC) सिस्टम चलता था, लेकिन उसकी एक बड़ी लाचारी थी।

एडिसन का डीसी करंट (DC System) 1 से 2 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक बिजली नहीं भेज सकता था। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती थी, रास्ते में ही बिजली का दम निकल जाता था। शहरों को रोशन करने के लिए हर एक-दो किलोमीटर पर बिजली घर बनाने पड़ते, जो पूरी तरह नामुमकिन था। पूरी दुनिया एक ऐसे मसीहा का इंतजार कर रही थी, जो बिजली को सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बिना गंवाए भेज सके।

करंट की जंग… जब एडिसन के आगे अड़ गए निकोला टेस्ला

नियाग्रा फॉल्स के इस चमत्कार के पीछे जिस दिमाग की सबसे बड़ी मेहनत थी, उनका नाम था निकोला टेस्ला (Nikola Tesla)। उस समय अमेरिका में ‘करंट की जंग’ (War of the Currents) छिड़ी हुई थी। एक तरफ महान आविष्कारक थॉमस एडिसन थे, जो डीसी (DC) बिजली के पक्ष में थे। वहीं दूसरी तरफ महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला और उद्योगपति जॉर्ज वेस्टिंगहाउस (George Westinghouse) का कहना था कि अल्टरनेटिंग करंट (AC) ही भविष्य की चाबी है।

एडिसन ने टेस्ला के एसी करंट को खतरनाक साबित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। लेकिन निकोला टेस्ला का आत्मविश्वास डिगा नहीं। टेस्ला के पेटेंट और गणितीय सिद्धांतों के आधार पर ‘वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन’ ने नियाग्रा फॉल्स के भयंकर जलप्रपात पर बिजली प्लांट लगाने का ऐतिहासिक जोखिम उठाया।

कैसे बनी नियाग्रा फॉल्स से बिजली और क्या थीं इसकी खासियतें?

नियाग्रा फॉल्स के पानी में इतनी गर्जना और गति थी कि, वैज्ञानिकों ने पानी के उस विशाल बहाव को बड़ी-बड़ी सुरंगों और शाफ्ट के जरिए नीचे गिराया।

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