Ujjwal Portal Haryana चंडीगढ़ । शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों की फ्री सीट पर अपने लाडले का दाखिला कराने का सपना देख रहे अभिभावकों के लिए पिछले 48 घंटे किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। हरियाणा सरकार ने जिस ‘उज्जवल पोर्टल’ के जरिए गरीब बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने का दावा किया था, वह शुरुआत के दो दिनों में ही ‘अंधेरे’ में खोया नजर आया। 9 अप्रैल से ही पोर्टल का सर्वर ऐसा बैठा कि दूसरे दिन भी हजारों माता-पिता केवल ‘Internal Error 500’ का संदेश देखते रह गए।
मजदूरी की बलि और सिस्टम की बेरुखी
प्रदेश के विभिन्न साइबर कैफे और कंप्यूटर सेंटरों के बाहर आज नजारा बेहद भावुक और गुस्सा दिलाने वाला था। कोई पिता अपनी दिहाड़ी छोड़कर आया था, तो कोई मां अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए तपती धूप में इस उम्मीद में खड़ी थी कि शायद अब वेबसाइट चल जाए।
रेवाड़ी के धारूहेड़ा, बावल और रेवाड़ी शहर के साइबर कैफे संचालकों का कहना है कि, लोग सुबह 7 बजे से ही फाइलों का ढेर लगाकर बैठ जाते हैं। लेकिन पोर्टल क्रैश चल रहा है। अभिभावकों का सबसे बड़ा डर 16 अप्रैल की डेडलाइन है। पोर्टल नहीं चलने से अब आवेदन के लिए मात्र कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस समय सीमा को आगे बढ़ाएगा या गरीब बच्चे तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ जाएंगे? ujjwal portal haryana apply online
32 स्कूलों का ‘अड़ियल’ रवैया: क्या प्रशासन करेगा गाज?
पोर्टल की खराबी के बीच एक और बड़ी बाधा सामने आई है। रेवाड़ी के कुल 310 निजी स्कूलों में से 278 स्कूलों ने तो अपनी सीटों का विवरण पोर्टल पर अपडेट कर दिया है, लेकिन 32 निजी स्कूल अभी भी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। इन स्कूलों ने सीटों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे उन क्षेत्रों के बच्चों के लिए आवेदन करना नामुमकिन हो गया है। rte admission haryana
जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इन स्कूलों की लिस्ट मुख्यालय भेज दी है। अधिकारियों का संकेत है कि पिछले साल की तरह इस बार भी इन स्कूलों पर 10 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जुर्माने से विभाग की जेब तो भर जाएगी, पर उन बच्चों का क्या जिनका साल खराब होने की कगार पर है?
तकनीकी टीम के भरोसे ‘उज्जवल’ भविष्य
इस पूरे मामले पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने कहा कि समस्या स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि निदेशालय स्तर पर है। पंचकूला में बैठी तकनीकी टीम सर्वर को दुरुस्त करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, अधिकारी यह बताने में असमर्थ रहे कि पोर्टल पूरी तरह कब तक बहाल होगा। उन्होंने अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है, लेकिन ‘धैर्य’ तब जवाब दे जाता है जब आवेदन की आखिरी तारीख सिर पर खड़ी हो। ujjwal portal haryana registration 2026
अभिभावकों के लिए जानना जरूरी है…
अगर आप भी अपने बच्चे का फॉर्म भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बिंदुओं को गांठ बांध लें।