Share market plunges नई दिल्ली | भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काली घटा जैसा रहा। चौतरफा बिकवाली और वैश्विक तनाव के बीच Sensex 1,352.74 अंक (1.71%) गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 ने 422.40 अंकों (1.73%) की गोताखोरी लगाते हुए 24,028.05 का स्तर छुआ। इस गिरावट ने निवेशकों के लगभग 10 लाख करोड़ रुपये मिट्टी में मिला दिए। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर ₹92.35 पर पहुंच गया है।
बाजार में गिरावट के पीछे का असली खेल क्या है?
जब हम कहते हैं कि बाजार 2% गिर गया, तो इसका मतलब सिर्फ नंबर कम होना नहीं है। इसका मतलब है कि लोगों का भरोसा डगमगा गया है। आज की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया के देशों के बीच बढ़ती जंग है। जब भी दुनिया में कहीं बम-बारूद चलता है या युद्ध की आहट होती है, तो अमीर निवेशक डर जाते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों (जैसे सोना या अमेरिकी डॉलर) में डालने लगते हैं। आज भी यही हुआ, विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में ₹6,030.38 करोड़ की भारी-भरकम बिकवाली की। जब इतना सारा पैसा एक साथ बाजार से बाहर निकलता है, तो शेयरों की कीमतें धड़ाम से गिर जाती हैं।
मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Industries (+1.37%) आज बाजार के लिए संजीवनी की तरह थी। कंपनी ने फिनलैंड की मशहूर चॉकलेट कंपनी Fazer के साथ एक बड़ा समझौता किया है। अब रिलायंस भारत के कोने-कोने में अपनी 30 लाख से ज्यादा दुकानों के जरिए प्रीमियम चॉकलेट बेचेगी। निवेशकों को लगा कि रिलायंस अब सिर्फ तेल और जियो नहीं, बल्कि आपकी चॉकलेट की क्रेविंग से भी पैसा बनाएगा, इसलिए इसके शेयर में हरियाली रही। (Share market plunges)
DMart का धमाका: 8 नए स्टोर
राधाकिशन दमानी की कंपनी Avenue Supermarts (DMart) ने भी आज कमाल किया। जहां पूरा बाजार गिर रहा था, वहीं DMart का शेयर 2.33% ऊपर चढ़ गया। वजह यह थी कि उन्होंने गुजरात, गोवा, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्यों में 8 नए स्टोर खोल दिए हैं। अब देश भर में उनके 461 स्टोर हो गए हैं। लोगों को पता है कि मंदी आए या महंगाई, आदमी खाना और राशन तो खरीदेगा ही, इसलिए निवेशकों ने इसमें भरोसा जताया।
तेल कंपनियों (BPCL) पर कच्चे तेल की मार
आज सबसे बुरा हाल उन कंपनियों का रहा जो पेट्रोल-डीजल बेचती हैं, जैसे BPCL (-6.12%)। दुनिया में तनाव की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। अब अगर इन कंपनियों को कच्चा तेल महंगा मिलेगा और सरकार ने पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए, तो इनका मुनाफा घट जाएगा। इसी डर से लोगों ने इन शेयरों को कचरे के भाव बेच दिया।
रेलवे (IRFC) और डिविडेंड का लॉलीपॉप
रेलवे की कंपनी IRFC ने अपने शेयरधारकों को ₹1.05 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का वादा किया है, लेकिन फिर भी शेयर 1.91% गिर गया। वजह यह है कि कंपनी अगले साल ₹70,000 करोड़ का कर्ज लेने वाली है। भारी कर्ज की खबर ने निवेशकों को थोड़ा डरा दिया।
रुपया ₹92.35 के पार
अब आपकी जेब ढीली होने वाली है। आज की सबसे डरावनी खबर शेयर बाजार से नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार से आई है। हमारा प्यारा रुपया डॉलर के मुकाबले ₹92.35 के स्तर पर गिर गया है। जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक संकट से कम नहीं है। ऐसे समझिए कि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सामान (जैसे पेट्रोल, मोबाइल के पार्ट्स, खाद) बाहर के देशों से डॉलर में खरीदता है। पहले अगर हमें $1 का सामान मंगाने के लिए ₹83 देने पड़ते थे, तो अब ₹92.35 देने होंगे।
महंगाई का झटका: जब हम ज्यादा रुपये देकर तेल मंगाएंगे, तो ट्रक और टेंपो का भाड़ा बढ़ेगा। जब भाड़ा बढ़ेगा, तो आपके गांव के बाजार में आने वाली सब्जी, दाल और चीनी भी महंगी हो जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक सामान: अगर आप नया मोबाइल या लैपटॉप खरीदने की सोच रहे थे, तो रुक जाइए, क्योंकि अब कंपनियां इनके दाम बढ़ाने वाली हैं।
सेक्टर का हाल: सिर्फ IT में दिखी थोड़ी जान
आज के दिन बाजार का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं था। Bank Nifty 3.05% टूट गया, यानी आपके पसंदीदा बैंक के शेयर आज सस्ते हो गए। सरकारी बैंकों (PSU Banks) का हाल तो और भी बुरा रहा, वे 3.97% तक गिर गए। सबसे ज्यादा मार Auto सेक्टर (गाड़ियों वाली कंपनियां) पर पड़ी, जो 4.10% नीचे आ गया। केवल IT सेक्टर (कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर वाली कंपनियां) ही ऐसा था जो मामूली 0.08% की बढ़त के साथ टिका रहा।
न्यूज वॉइस एक्सप्लेनर: क्या आप भी नियंत्रण के भ्रम में हैं?
एक बहुत बड़े शेयर मार्केट के विशेषज्ञ के मुताबिक, बाजार गिरता है तो आम आदमी एक बड़ी गलती करता है। वह हर 2 मिनट में अपना मोबाइल खोलकर पोर्टफोलियो चेक करता है। इसे मनोविज्ञान की भाषा में ‘Illusion of Control’ (नियंत्रण का भ्रम) कहते हैं। हमें लगता है कि बार-बार स्क्रीन देखने से या चार्ट पर लकीरें खींचने से हम शेयर की कीमत रोक लेंगे।
सच्चाई क्या है?
शेयर की कीमत आपके देखने से नहीं, बल्कि दुनिया के हालातों से तय होती है। आज की गिरावट में वे लोग सबसे ज्यादा दुखी हैं जो हर पल स्क्रीन से चिपके रहते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि जब बाजार गिर रहा हो, तो स्क्रीन बंद कर देना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
भविष्य की चेतावनी: अब आगे क्या होगा?
इस खबर का आने वाले समय में आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे गौर से समझें। क्योंकि, यह आपके काम की सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर बात को आप गौर से समझेंगे तो आप वह गलती नहीं करेंगे, जो प्रतिदिन लाखों लोग करते हैं। ब्याज दरें (EMI): महंगाई बढ़ने के डर से रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। यानी आपकी होम लोन या कार लोन की EMI फिलहाल कम होने वाली नहीं है। विदेशी निवेश में कमी: अगर रुपया ऐसे ही गिरता रहा, तो विदेशी कंपनियां भारत में पैसा लगाने से हिचकिचाएंगी, जिससे नई नौकरियों के मौके कम हो सकते हैं। महिला शक्ति और अर्थव्यवस्था: एक्सिस बैंक की एक रिपोर्ट कहती है कि अगर भारत को अमीर देश (Viksit Bharat) बनना है, तो महिलाओं को काम पर निकलना होगा। आज भी करोड़ों पढ़ी-लिखी महिलाएं घर पर हैं। अगर वे काम करें, तो ऐसी छोटी-मोटी गिरावट से देश की अर्थव्यवस्था को फर्क नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए गुरु-मंत्र
अगर आपने शेयर बाजार में पैसा लगाया है, तो आज की यह हालत देखकर घबराएं नहीं। बाजार का नियम है, जो गिरता है, वो उठता भी है। अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा है, तो अच्छी कंपनियों (जैसे रिलायंस या टाटा) के शेयर थोड़े-थोड़े करके खरीदें। इसे सेल की तरह देखें। आज का दिन कठिन था, रुपया कमजोर था और बाजार लाल था। लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। घरेलू निवेशक (DIIs) आज भी ₹32,786 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को थामे हुए हैं। जब तक देश के लोग अपने बाजार पर भरोसा रखेंगे, तब तक कोई भी विदेशी ताकत हमें डुबो नहीं सकती।