SCERT Haryana Old Book Policy चंडीगढ़ । हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर है। (Haryana Government School Books News) अब प्रदेश के करीब 14,000 सरकारी स्कूलों में पुरानी किताब-नई पढ़ाई का फॉर्मूला लागू होगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) हरियाणा ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं।
क्या है नया फरमान?
SCERT द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अपनी पुरानी किताबें स्कूल में ही जमा करानी होंगी। ये किताबें अब रद्दी में नहीं बिकेंगी। नए सत्र 2026-27 में आने वाले छात्रों को यही किताबें बांट दी जाएंगी। इससे सत्र के पहले ही दिन से बच्चों के हाथ में सिलेबस होगा। (Haryana School Book Bank Model)
मुख्य बातें: जो आपको को जाननी चाहिए
100 प्रतिशत वसूली: स्कूल प्रभारियों को निर्देश हैं कि हर हाल में छात्रों से पुरानी किताबें वापस ली जाएं। (हरियाणा सरकारी स्कूल किताब समाचार) (14000 Government Schools Haryana Update)
- परीक्षा के बाद कलेक्शन: जो बच्चे अप्रैल 2026 में दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, उनसे किताबें एग्जाम खत्म होने के बाद ली जाएंगी।
- क्लास रेडीनेस प्रोग्राम: अप्रैल के महीने में शिक्षक पुरानी किताबों से ही बच्चों का रिवीजन कराएंगे। इससे बच्चों का बेस मजबूत होगा।
- होगी सख्त कार्रवाई: आदेश में चेतावनी दी गई है कि इस नियम का पालन न करने वाले स्कूलों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह कदम?
अक्सर देखा गया है कि सरकारी स्कूलों में नई किताबों की छपाई और सप्लाई में देरी होती है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई का शुरुआती समय खराब होता है। अब बुक बैंक मॉडल से यह समस्या खत्म हो जाएगी। साथ ही कागज की बचत होने से पर्यावरण को भी फायदा होगा। अभिभावकों को भी अब नई किताबों के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के 14 हजार स्कूलों में एक भी बच्चा बिना किताब के न रहे। अधिकारियों को ग्राउंड पर जाकर इसकी निगरानी करने को कहा गया है।