Rewari News ट्रांसपोर्टर ने ड्राइवर को बनाया बंधक, रॉड से बेरहमी से पीटा; श्रम अधिकारों पर उठते गंभीर सवाल

Rewari News रेवाड़ी (हरियाणा) । औद्योगिक हब धारूहेड़ा एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह विकास नहीं, बल्कि एक मज़दूर के साथ हुई बर्बरता है। यूपी के कासगंज निवासी 36 वर्षीय ड्राइवर पंकज के साथ जो हुआ, वह आधुनिक समाज और ‘कॉरपोरेट कल्चर’ के दावों पर एक बड़ा तमाचा है। महज 20 दिन पहले नई नौकरी जॉइन करने वाले युवक को बंधक बनाकर लोहे की रॉड से पीटा गया, जो न केवल आपराधिक कृत्य है बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हत्या भी है। Dharuhera News Crime in Haryana

ईमानदारी की सजा या ट्रांसपोर्टर की मनमानी?

पीड़ित पंकज के अनुसार, विवाद की जड़ तब शुरू हुई जब उसने अपनी गाड़ी में रखे सामान के साथ छेड़छाड़ करने से मना कर दिया। एक ईमानदार ड्राइवर के लिए उसकी गाड़ी और उस पर लदा माल उसकी जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां ईमानदारी ही आफत बन गई। Driver Beaten in Rewari

बदले की भावना: जब पंकज ने गलत काम से इनकार किया, तो उसे मानसिक रूप से परेशान करने के लिए पहले उसकी गाड़ी बदली गई।

साजिश के तहत बुलाना: शुक्रवार को उसे खरखौदा से हिसाब करने के बहाने बुलाया गया। जब पंकज अपनी ड्यूटी पूरी कर गेट पर चाबी देने पहुंचा, तो उस पर जानलेवा हमला कर दिया गया।

बंधक और प्रताड़ना: आरोपी ने न केवल पंकज को डंडों और रॉड से पीटा, बल्कि उसे गाड़ी में डालकर आधा घंटा घुमाया और फिर कमरे में बंद कर दिया। यह किसी फिल्मी विलेन जैसी हरकत है, जहां एक रसूखदार व्यक्ति अपने कर्मचारी को अपनी जागीर समझने लगता है। Haryana Transport News

असुरक्षित होते प्रवासी श्रमिक

यह घटना रेवाड़ी और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। Migrant Labour Safety

शक्ति का दुरुपयोग: ट्रांसपोर्टर और मुंशी का यह व्यवहार दर्शाता है, कि वे कानून से ऊपर उठकर खुद को ‘न्यायाधीश’ समझने लगे हैं। हिसाब करने के बजाय डंडों से बात करना ‘जंगलराज’ का प्रतीक है।

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