देव नगर के बंद मकान में भड़की आग, ज्योत ने मचाया तांडव; पड़ोसियों ने ऐसे बचाई जान

Rewari News Today रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी (Rewari News) शहर का देव नगर इलाका शनिवार की सुबह एक बड़े हादसे का गवाह बनते-बनते रह गया। एक बंद मकान के भीतर से उठते धुएं के गुबार ने पूरे मोहल्ले में सनसनी फैला दी। जिस घर में सुबह सुख-शांति के लिए ज्योत जलाई गई थी, वही ज्योत कुछ ही घंटों में काल बनकर घर को निगलने पर उतारू हो गई। गनीमत यह रही कि पड़ोसियों की पैनी नजर समय रहते धुएं पर पड़ गई, वरना सिलेंडर फटने या शॉर्ट सर्किट से कोई बड़ा धमाका हो सकता था।

Dev Nagar Fire- आस्था और अनहोनी के बीच का वो ‘मनहूस’ सवेरा

देव नगर निवासी दिनेश के परिवार के लिए शनिवार का सवेरा आम दिनों की तरह ही शुरू हुआ था। घर में पूजा-पाठ हुआ, दिनेश ने खुद मंदिर में माता की ज्योत जलाई और हाथ जोड़कर परिवार की खुशहाली की दुआ मांगी। पूजा के बाद परिवार के एक सदस्य की तबीयत खराब होने के चलते दिनेश मकान को ताला लगाकर आनन-फानन में अस्पताल चले गए। उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि जिस बंद कमरे में वे ज्योत छोड़कर जा रहे हैं, वहां मौत का तांडव शुरू होने वाला है।

Fire in Temple- जब बंद खिड़कियों से निकलने लगा ‘मौत का धुआं’

दिनेश के जाने के करीब आधे-एक घंटे बाद पड़ोसियों ने गौर किया कि उनके मकान की खिड़कियों और रोशनदान से हल्का धुआं निकल रहा है। पहले तो लोगों को लगा कि शायद बाहर कुछ जल रहा होगा, लेकिन देखते ही देखते धुआं गहरा काला हो गया और जलने की तीखी गंध पूरे मोहल्ले में फैल गई। पड़ोसियों ने जब घर के पास जाकर देखा तो अंदर लपटें उठती नजर आईं। बिना एक पल गंवाए पड़ोसियों ने दिनेश को फोन खटखटाया, “भाई, जल्दी घर आ, तेरे मंदिर में आग लग गई है!”

जब एक साथ पहुंची पुलिस, दमकल और बिजली विभाग

सूचना मिलते ही दिनेश बदहवास हालत में अस्पताल से घर की ओर दौड़े। इधर, मोहल्ले के युवाओं ने तुरंत डायल 112 और फायर ब्रिगेड को फोन घुमाया। आग की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को भी अलर्ट किया गया। बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले पूरे फीडर की सप्लाई काट दी। यह एक मास्टर स्ट्रोक था, क्योंकि अगर बिजली चालू रहती और आग तारों तक पहुंचती, तो पूरे घर में करंट फैल सकता था या ट्रांसफार्मर तक फॉल्ट जा सकता था। (Rewari Fire Brigade)

दमकल कर्मियों ने मलबे से बुझाई आग, टला ‘सिलेंडर ब्लास्ट’

दमकल विभाग की गाड़ी सायरन बजाती हुई तंग गलियों से होकर दिनेश के घर के सामने रुकी। दमकल कर्मियों ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर धुआं उगलते घर के भीतर प्रवेश किया। घर के भीतर दृश्य डरावना था; पूजा घर यानी मंदिर पूरी तरह आग की लपटों में घिरा था। आग धीरे-धीरे पास रखे फर्नीचर की ओर बढ़ रही थी। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले किचन की ओर जाने वाले रास्ते को सुरक्षित किया ताकि आग वहां रखे गैस सिलेंडरों तक न पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

नुकसान का आकलन: मंदिर जला, पर आशियाना बच गया

आग बुझने के बाद जब दिनेश घर के अंदर दाखिल हुए, तो उनकी आंखों में आंसू थे। जिस मंदिर को उन्होंने बड़े चाव से सजाया था, वह राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। दिनेश ने बताया कि इस आगजनी में मंदिर और उसके पास रखा करीब 2,000 रुपये का कैश व कुछ जरूरी सामान जल गया। हालांकि, उन्होंने राहत की सांस ली कि पड़ोसियों की सजगता के कारण उनकी छत सलामत रही। (Haryana News)

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