किस मेले को “आदिवासियों का कुम्भ” कहा जाता है? सही उत्तर बेणेश्वर मेला है, जो राजस्थान के डूंगरपुर जिले में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है और आदिवासी संस्कृति का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है।
Question 1. किस मेले को “आदिवासियों का कुम्भ” कहा जाता है? Jamadar Grade II Exam 2025
(अ) कैला देवी मेला
(ब) करणी माता मेला
(स) जीणमाता मेला
(द) बेणेश्वर मेला
Correct Answer ( सही उत्तर )
(द) बेणेश्वर मेला
Explanation ( उत्तर एवं व्याख्या )
बेणेश्वर मेला राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित बेणेश्वर धाम में आयोजित होने वाला एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक मेला है। यह मेला विशेष रूप से भील और अन्य आदिवासी समुदायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह मेला हर वर्ष जनवरी या फरवरी माह में आयोजित किया जाता है और इसका मुख्य आयोजन माघ पूर्णिमा के दिन होता है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु और आदिवासी समुदाय के लोग यहाँ एकत्रित होते हैं और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
इसी कारण से इस मेले को “आदिवासियों का कुम्भ” कहा जाता है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में आदिवासी लोग एक साथ भाग लेते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे कुम्भ मेले में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
किस मेले को “आदिवासियों का कुम्भ” कहा जाता है? | Jamadar Grade II Exam 2025 महत्वपूर्ण प्रश्न
राजस्थान की संस्कृति, मेले और त्योहारों से संबंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे Jamadar Grade II, Rajasthan Police, Patwari, REET तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले प्रमुख मेलों का महत्व अधिक होता है। इन्हीं महत्वपूर्ण मेलों में से एक है बेणेश्वर मेला, जिसे “आदिवासियों का कुम्भ” कहा जाता है। यह मेला राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित डूंगरपुर जिले में आयोजित होता है और आदिवासी संस्कृति का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। इस लेख में हम इस महत्वपूर्ण प्रश्न की विस्तृत व्याख्या, इतिहास, विशेषताएँ तथा परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य समझेंगे।
Full Theory
बेणेश्वर मेला क्या है
बेणेश्वर मेला राजस्थान का एक प्रमुख आदिवासी धार्मिक मेला है, जो तीन नदियों के संगम स्थल पर आयोजित होता है। यह स्थान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है और यहाँ स्नान करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
यह मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ आदिवासी समुदाय अपनी पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य और लोकगीतों के माध्यम से अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं।
बेणेश्वर मेले का आयोजन स्थान
यह मेला राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित निम्न स्थान पर आयोजित होता है:
• डूंगरपुर जिला
• नवटापारा क्षेत्र
• सोम, माही और जाखम नदियों का संगम
यह संगम स्थल धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।