Kedarnath Badrinath entry rules 2026 देहरादून | विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने स्पष्ट कर दिया है (BKTC new decision) कि, इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर के गर्भगृह (Sanctum Sanctorum) में गैर-सनातनी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। (Non-Sanatani entry ban) (केदारनाथ बद्रीनाथ नए नियम) (गैर-सनातनी प्रवेश रोक) (चारधाम यात्रा 2026)
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी (Hemant Dwivedi BKTC) ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम मंदिरों की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं, मर्यादा और आस्था की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए उठाया गया है।
Char Dham Yatra 2026 guidelines- पर्यटन नहीं, यह साधना का केंद्र है…
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि चारधाम केवल घूमने-फिरने की जगह या पर्यटन स्थल नहीं हैं, बल्कि ये सनातन आस्था के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि, इन पवित्र धामों में प्रवेश पाना कोई सामान्य नागरिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह धार्मिक परंपराओं और नियमों के अधीन है। संत समाज और धर्माचार्यों की लंबे समय से मांग थी कि धामों की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू हों। BKTC का मानना है कि चारधाम यात्रा श्रद्धा, साधना और कड़े आध्यात्मिक अनुशासन का नाम है। ऐसे में जो लोग सनातन परंपरा और पूजा-पद्धति में विश्वास नहीं रखते, उनका गर्भगृह तक जाना उचित नहीं है।
केवल गर्भगृह पर पाबंदी, परिसर में स्वागत
खबर की तकनीकी बारीकी यह है कि यह पाबंदी पूरे मंदिर परिसर पर लागू नहीं होगी। BKTC ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। वे बाहर से दर्शन कर सकते हैं और परिसर का भ्रमण कर सकते हैं। लेकिन, जहां मुख्य मूर्ति स्थापित है (गर्भगृह), वहां केवल उन्हीं को अनुमति मिलेगी जो सनातन धर्म का पालन करते हैं।
लिस्ट में 48 धार्मिक स्थल: सिर्फ केदार-बद्री ही नहीं
यह फैसला केवल दो मुख्य धामों तक सीमित नहीं है। BKTC के प्रस्ताव में कुल 48 मंदिरों, कुंडों और पौराणिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन सभी जगहों पर प्रवेश के नियमों को सख्त किया जा रहा है। मुख्य स्थलों की सूची इस प्रकार है:
