Jaipur-Gurugram Highway नई दिल्ली । जयपुर से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। जिस काम का इंतजार पिछले 18 सालों से हो रहा था, वह अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। जयपुर-गुरुग्राम हाईवे (NH-48) पर अब जाम के झंझट और गड्ढों के डर से मुक्ति मिलने वाली है। जल्द ही इस रूट पर गाड़ियां रफ्तार पकड़ती नजर आएंगी। (NH-48 Latest Update)
NH-48- 18 साल का लंबा इंतजार और अब राहत की तस्वीर
कहते हैं कि विकास की राह में देरी भले हो, लेकिन जब वह पूरा होता है तो तस्वीर बदल जाती है। इस हाईवे का काम साल 2006-07 के आसपास शुरू हुआ था। करीब दो दशक बीत गए, कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन यह प्रोजेक्ट कछुआ चाल से चलता रहा। कभी बजट की कमी, कभी जमीन अधिग्रहण का झंझट तो कभी ठेकेदारों की लापरवाही ने इस सफर को आम जनता के लिए सिरदर्द बना दिया था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जयपुर से गुरुग्राम के बीच जो 6 लेन हाईवे का काम अटका हुआ था, वह अब लगभग पूरा होने को है।
NH-48– क्या-क्या बदला है इस हाईवे पर?
सिर्फ सड़क चौड़ी होना ही काफी नहीं होता, सफर को सुरक्षित और आसान बनाना असली चुनौती होती है। इस नए प्रोजेक्ट के तहत कई खास बदलाव किए गए हैं। (NH-48)
- फ्लाईओवर और अंडरपास: हाईवे पर पड़ने वाले व्यस्त चौराहों और कस्बों में नए फ्लाईओवरों का निर्माण किया गया है। इससे लोकल ट्रैफिक और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग हो जाएगा, जिससे एक्सीडेंट का खतरा कम होगा।
- पुरानी सड़कों की मरम्मत: जो पैच खराब थे या जहाँ गहरे गड्ढे थे, उन्हें नई तकनीक से बनाया गया है ताकि तेज रफ्तार में भी गाड़ी को झटका न लगे।
- सर्विस लेन का जाल: हाईवे के साथ-साथ सर्विस लेन को भी दुरुस्त किया गया है ताकि स्थानीय लोगों को हाईवे पर बीच में न आना पड़े।
NH-48 Latest Update– जयपुर से गुरुग्राम अब कितनी देर में?
अभी तक जयपुर से गुरुग्राम पहुंचने में भारी ट्रैफिक और खराब सड़क की वजह से 5 से 6 घंटे का समय लग जाता था। कई बार तो धारूहेड़ा या मानेसर के जाम में घंटों बीत जाते थे। लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि 6 लेन पूरी तरह चालू होने के बाद यह सफर साढ़े तीन से चार घंटे में सिमट जाएगा। यानी आपके कीमती वक्त की बचत होगी और डीजल-पेट्रोल का खर्च भी कम होगा।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
इसे बहुत ही आसान भाषा में समझें तो यह हाईवे राजस्थान और हरियाणा की लाइफलाइन है। अगर आप व्यापारी हैं और माल भेजते हैं, तो अब आपका ट्रक बिना रुके मंजिल तक पहुंचेगा। अगर आप परिवार के साथ दिल्ली या जयपुर घूमने जा रहे हैं, तो अब आपको कमर दर्द और थकान की चिंता नहीं करनी होगी। यह सिर्फ डामर की सड़क नहीं है, बल्कि व्यापार और पर्यटन को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है।(NH-48 Latest Update)