Hbse board news: एचबीएसई चेयरमैन डॉ. पवन कुमार की हैट्रिक, तीसरी बार संभाली कुर्सी, बोले- नकल करने वालों को अब भेजेंगे जेल

Hbse board news भिवानी | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) में एक बार फिर पुराने और अनुभवी खिलाड़ी की वापसी हुई है। नारनौल के प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार ने तीसरी बार बोर्ड के अध्यक्ष का पद संभाल लिया है। उनकी इस नियुक्ति से पूरे प्रदेश के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है, क्योंकि डॉ. पवन अपनी सख्ती और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने साफ कर दिया कि, उनकी इस पारी में न तो नकल चलेगी और न ही काम में ढिलाई बरती जाएगी।

सरकार का जताया आभार, बोले- भरोसे पर उतरूंगा खरा

डॉ. पवन कुमार ने अपनी इस नई और बड़ी जिम्मेदारी के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो भरोसा जताया है, वे उसे बेकार नहीं जाने देंगे। कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने बोर्ड दफ्तर में मां सरस्वती की पूजा की और आशीर्वाद लिया। इस दौरान बोर्ड के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों और शिक्षाविदों ने फूलों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

नकल माफियाओं की अब खैर नहीं

न्यूज वॉइस से खास बातचीत में डॉ. पवन कुमार ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं और उनकी पहली प्राथमिकता परीक्षाओं को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाना है।
सीधी जेल की तैयारी: जहां भी नकल के मामले सामने आ रहे हैं, वहां तुरंत पुलिस केस यानी एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।
नौकरी पर खतरा: अगर कोई सरकारी कर्मचारी या टीचर नकल करवाने में शामिल मिला, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। उसकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है।
मकसद: उनका सपना है कि, हरियाणा की परीक्षाएं पूरे देश में मिसाल बनें और किसी भी मेहनती बच्चे का हक न मारा जाए।

आम आदमी के लिए क्या है खास

डॉ. पवन कुमार का मानना है कि, बोर्ड का दफ्तर आम आदमी के लिए आसान होना चाहिए। उन्होंने वादा किया है कि, वे बोर्ड की कार्यप्रणाली को इतना सरल बना देंगे कि, किसी भी कम पढ़े-लिखे व्यक्ति को भी अपने बच्चे के काम के लिए दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
पारदर्शी प्रशासन: अब बोर्ड में कोई भी काम छिपकर नहीं होगा। सब कुछ जनता के सामने साफ रहेगा।
तुरंत सुनवाई: अगर किसी विद्यार्थी या माता-पिता को कोई दिक्कत है, तो उसका समाधान बहुत जल्दी किया जाएगा।
विद्यार्थी की खुशी: बोर्ड का उद्देश्य केवल फेल-पास करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी की समस्याओं को दूर करना होगा।

नई शिक्षा नीति: अब पढ़ाई होगी आसान और काम की

अध्यक्ष ने बताया कि वे भारत सरकार की नई शिक्षा नीति को हरियाणा के हर स्कूल में मजबूती से लागू करेंगे। इसका मतलब यह है कि अब बच्चों को सिर्फ किताबी कीड़ा नहीं बनाया जाएगा।
हुनर की पढ़ाई: बच्चों को तकनीकी काम सिखाया जाएगा ताकि स्कूल से निकलते ही वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
आधुनिक स्कूल: हरियाणा की शिक्षा प्रणाली को अब दुनिया के हिसाब से आधुनिक और लचीला बनाया जाएगा।
सबके लिए शिक्षा: गरीब हो या अमीर, हर बच्चे को एक जैसी और बेहतरीन शिक्षा मिलेगी।

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