Dausa News Today- दौसा जज की दरियादिली, जब खुद कुर्सी छोड़कर नीचे आए और एम्बुलेंस में लेटे घायल को थमाया चेक, जानिए क्यों? 

Dausa News Today दौसा । अक्सर हम कोर्ट-कचहरी और तारीखों के बारे में सुनते हैं, लेकिन दौसा की न्यायपालिका से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सबका दिल जीत लिया। यहां के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District Judge) केशव कौशिक ने अपनी कुर्सी की गरिमा के साथ-साथ इंसानियत की जो मिसाल पेश की, उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। एक लाचार और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति जब कोर्ट की पहली मंजिल पर नहीं पहुंच सका, तो जज साहब खुद चलकर नीचे आए और उसे न्याय का हक सौंपा।

क्या है पूरा मामला?

(Mahwa News) पीपलखेड़ा (महवा) के रहने वाले भगवान सहाय पुत्र बृजमोहन एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह पूरी तरह से बेड पर आ गए। उनका केस राजस्थान उच्च न्यायालय लीगल सर्विस कमेटी जयपुर में चल रहा था। पिछले साल 19 दिसंबर 2025 को लोक अदालत के जरिए उनके पक्ष में एक बड़ा फैसला आया। इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए गए कि, वे भगवान सहाय को हर्जाने के तौर पर 16 लाख 75 हजार रुपये का भुगतान करें। Dausa Court News

जज ने जब देखी प्रार्थी की लाचारी

बीमा कंपनी ने यह राशि कोर्ट के खाते में जमा करवा दी थी। बुधवार को इस राशि का चेक भगवान सहाय को सौंपा जाना था। भगवान सहाय कोर्ट परिसर में पहुंचे तो सही, लेकिन उनकी हालत इतनी खराब थी, कि वे गाड़ी से उतरना तो दूर, हिल भी नहीं पा रहे थे। उनकी रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर ने उन्हें चलने-फिरने से लाचार कर दिया था। कोर्ट रूम पहली मंजिल पर था और भगवान सहाय के लिए ऊपर जाना नामुमकिन था।

जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश केशव कौशिक (Judge Keshav Kaushik Dausa) को यह जानकारी मिली कि, प्रार्थी नीचे गाड़ी में लेटा हुआ है और ऊपर आने की स्थिति में नहीं है, तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। वे प्रोटोकॉल और अपनी कुर्सी की परवाह किए बिना खुद कोर्ट रूम से बाहर निकले और सीढ़ियां उतरकर नीचे परिसर में आ गए।

गाड़ी में लेटे-लेटे मिला न्याय का हक

परिसर में मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह गए जब जज साहब खुद उस वाहन के पास पहुंचे जिसमें भगवान सहाय लेटे हुए थे। न्यायाधीश कौशिक ने बड़े ही प्यार और संवेदनशीलता के साथ भगवान सहाय का हाल-चाल जाना और उन्हें 16 लाख 75 हजार रुपये का चेक अपने हाथों से सौंपा। यह देखकर वहां मौजूद स्टाफ और वकीलों की आंखें नम हो गईं। Rajasthan Legal Aid

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