Dausa News Today बैजूपाड़ा/दौसा । राजस्थान की पावन धरा और दौसा जिले के बैजूपाड़ा इन दिनों भक्ति के रंग में सराबोर है। ग्राम अलीपुर स्थित ‘ढेर की ढाणी’ में परमपिता परमेश्वर की असीम अनुकंपा और श्री प्रेतराज महाराज जी के सानिध्य में भव्य वाल्मीकि एवं गीता पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत इसका समापन समारोह है, जिसमें आसपास के 30 से ज्यादा गांवों का जनसैलाब उमड़ने वाला है। (Dausa News Today, Bejupada News Today, Dher ki Dhani Alipur Event, Dausa Religious Bhandara, Kuldeep Meena Dausa News, Latest News Bejupada Baswa)
10 अप्रैल को महा-प्रसाद: 30 गांवों को पीले चावल का न्योता
यूं तो पाठ का शुभारंभ 4 अप्रैल से ही हो चुका है, लेकिन इलाके में असली हलचल 10 अप्रैल (शुक्रवार) को होने वाले ‘महा-समागम’ को लेकर है। आयोजक कुलदीप मीणा ने बताया कि, समापन के दिन आयोजित होने वाले भंडारे के लिए करीब 30 गांवों में न्योता भेजा गया है। इन गांवों के श्रद्धालु न केवल पाठ के समापन के साक्षी बनेंगे, बल्कि विशाल प्रीतिभोज में महा-प्रसाद भी ग्रहण करेंगे। बता दें, 12 गांव जारवालों के शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा (Schedule)
- पाठ समापन एवं हवन: 10 अप्रैल, शुक्रवार को प्रातः 11:15 बजे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य हवन में आहुतियां दी जाएंगी।
- प्रीतिभोज (भंडारा): दोपहर 12:15 बजे से। यह भंडारा भक्तों के आगमन तक अनवरत जारी रहेगा।
- आयोजन स्थल: ढेर की ढाणी, अलीपुर, तहसील बैजूपाड़ा (बसवा), जिला दौसा।
कुलदीप मीणा ने संभाली कमान, उमड़ेगी भारी भीड़
निवेदक कुलदीप मीणा (मो. 9511367030) और उनके सहयोगियों ने इस विशाल आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। 30 गांवों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए बैठने और प्रसाद ग्रहण करने की विशेष व्यवस्था की गई है। कुलदीप मीणा ने कहा, श्री प्रेतराज महाराज जी की कृपा से यह अवसर हमें मिला है कि, हम पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए इस पाठ का आयोजन कर सकें। 10 अप्रैल को आप सभी का आगमन हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।
भक्ति और भाईचारे का संगम
बैजूपाड़ा क्षेत्र में इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजनों से सामाजिक समरसता और भाईचारे को बल मिलता है। गीता और वाल्मीकि पाठ के जरिए नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘ढेर की ढाणी’ में होने वाला यह भंडारा इस सीजन का सबसे बड़ा धार्मिक मिलन माना जा रहा है।