Community Radio नई दिल्ली/जयपुर | क्या आपने कभी सोचा है कि आपके गांव की चौपाल की बातें, खेती-किसानी के नुस्खे और आपकी अपनी राजस्थानी या स्थानीय बोली अब रेडियो पर शान से गूंजेगी? केंद्र सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों की किस्मत चमकने वाली है। (RajasthanNews) (मोदी सरकार)
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने हाल ही में लोकसभा में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार भारत में सामुदायिक रेडियो आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। इसके तहत देश के 149 कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों को भारी-भरकम बजट और तकनीकी मदद दी गई है, जिसमें राजस्थान के 8 स्टेशन भी शामिल हैं। (RajasthanNews)
RajasthanNews-क्या है यह ‘रेडियो आंदोलन’ और आपको क्या मिलेगा?
अगर सीधे शब्दों में कहें, तो सरकार चाहती है कि हर इलाके का अपना एक रेडियो स्टेशन हो। यह रेडियो स्टेशन बड़े शहरों के एफएम जैसा नहीं, बल्कि आपके अपने पड़ोस का होगा।
सरकार की इस पहल के 3 बड़े फायदे
- नई मशीनें और पैसा: जिन रेडियो स्टेशनों के पास पुराने उपकरण थे, उन्हें बदलने के लिए सरकार ने 11.24 करोड़ रुपये की मदद दी है।
- स्थानीय आवाज को मंच: अब आपके गांव का कलाकार, किसान या छात्र अपनी बात रेडियो पर कह सकेगा।
- मुफ्त ट्रेनिंग: रेडियो चलाने वाले युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि, वे पेशेवर तरीके से प्रोग्राम बना सकें।
महिलाओं के लिए क्यों है यह ‘बड़ी खुशखबरी’?
इस योजना की सबसे सुंदर बात महिलाओं से जुड़ी है। सरकार ने कड़ा नियम बनाया है कि इन रेडियो स्टेशनों पर होने वाले प्रोग्राम में। (AatmanirbharBharat)
- 50% हिस्सेदारी: प्रोग्राम बनाने और बोलने में कम से कम आधी भागीदारी स्थानीय समुदाय की होनी चाहिए।
- महिला सशक्तिकरण: कुल प्रोग्राम का एक बड़ा हिस्सा (कम से कम 25%) सीधे तौर पर महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर केंद्रित होगा।
- इसका मतलब है कि अब गांव की महिलाओं को आंगनवाड़ी, टीकाकरण, सरकारी लोन और स्वरोजगार की जानकारी अपनी भाषा में घर बैठे मिलेगी। (RajasthanNews)
आम जनता पर क्या होगा असर? (RajasthanNews)
अक्सर बड़ी खबरें और सरकारी योजनाएं गांवों तक पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देती हैं। लेकिन सामुदायिक रेडियो इस दूरी को खत्म कर देगा।