Badshah Controversy List: टटिहरी से गेंदा फूल तक, विवादों के बादशाह कैसे बने आदित्य प्रतीक सिंह? देखिए, इन 5 बड़े कांडों की पूरी कुंडली

नई दिल्ली | म्यूजिक इंडस्ट्री में एक कहावत है, बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा? रैपर बादशाह (Badshah Controversy) के मामले में यह बात बिल्कुल फिट बैठती है। बादशाह का असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसौदिया है, लेकिन आज उनकी पहचान गानों से ज्यादा उनके साथ जुड़े विवादों से होने लगी है। ताजा मामला मार्च 2026 में रिलीज हुए उनके गाने टटिहरी का है, जिसने उन्हें सलाखों के करीब ला खड़ा किया है।
लेकिन यह कोई पहला मौका नहीं है। कभी भगवान के नाम के साथ अश्लीलता, कभी गरीब कलाकारों के बोल चुराना, तो कभी करोड़ों रुपए फूंककर नकली व्यूज खरीदना बादशाह का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। आज के इस स्पेशल Explainer में हम आसान भाषा में समझेंगे कि, आखिर बादशाह बार-बार विवादों में क्यों फंसते हैं और उनके करियर के वो 5 बड़े कांड कौन से हैं, जिन्होंने देश भर में हंगामा मचा दिया।


ताजा विवाद: टटिहरी गाने पर एफआईआर और गिरफ्तारी की तलवार (Badshah Controversy)


मार्च 2026 में बादशाह ने अपना नया गाना ‘टटिहरी’ रिलीज किया। यह गाना देखते ही देखते सोशल मीडिया पर विलेन बन गया।
विवाद की जड़: गाने के वीडियो में छोटी बच्चियों और लड़कियों को स्कूल की वर्दी (यूनिफॉर्म) में एक बस की छत पर नाचते दिखाया गया। इतना ही नहीं, गाने के बोल में महिलाओं के लिए बेहद हल्के और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
एक्शन: हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष ने इसे समाज के लिए गंदगी करार दिया। मामला इतना बढ़ा कि पंचकूला में पुलिस ने बादशाह के खिलाफ केस (एफआईआर) दर्ज कर लिया।
नतीजा: चौतरफा घिरने के बाद बादशाह ने हाथ जोड़कर जनता से माफी मांगी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि मुझसे बड़ी चूक हुई। विवाद बढ़ता देख उन्होंने इस गाने को यूट्यूब और बाकी सभी म्यूजिक एप्स से हमेशा के लिए हटा लिया।

सनक विवाद: भोलेनाथ के नाम पर अश्लीलता

2023 में बादशाह का गाना सनक आया। इस गाने ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई।
क्या था मामला? गाने के एक अंतरे में भगवान शिव (भोलेनाथ) का नाम लिया गया था, लेकिन उसी लाइन के तुरंत बाद बादशाह ने गंदी गालियों और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया।
महाकाल के पुजारियों का गुस्सा: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी थी कि, अगर गाना नहीं बदला गया तो बादशाह को उज्जैन की धरती पर कदम नहीं रखने दिया जाएगा।
माफीनामा: भारी विरोध और कानूनी कार्रवाई के डर से बादशाह ने पोस्ट लिखकर माफी मांगी और गाने के आपत्तिजनक शब्दों को बदलकर नया वर्जन रिलीज किया।


गेंदा फूल और गरीब कलाकार की मेहनत की चोरी


यह बादशाह के करियर का सबसे बड़ा साहित्यिक चोरी (Plagiarism) का मामला था। गाना तो ब्लॉकबस्टर हुआ, लेकिन बादशाह की साख मिट्टी में मिल गई।
चोरी का आरोप: गाने की मशहूर लाइनें बड़ोलोकेर बिटि लो, लम्बा लम्बा चुल… असल में बंगाल के एक बहुत ही गरीब और बुजुर्ग लोक कलाकार रतन कहार ने दशकों पहले लिखी थीं। बादशाह ने उनका गाना लिया, म्यूजिक बदला और अपना नाम ठोक दिया। रतन कहार को न तो कोई पैसा मिला और न ही क्रेडिट।
सोशल मीडिया की पावर:
जब लोगों ने इंटरनेट पर बादशाह को शब्दों का चोर कहना शुरू किया, तब जाकर बादशाह की नींद टूटी। उन्होंने रतन कहार को ढूंढ निकाला, उन्हें ₹5 लाख की आर्थिक मदद दी और भविष्य में उनका नाम गाने में जोड़ने का वादा किया।


पागल गाना: नकली कामयाबी और पुलिस की पूछताछ


क्या कोई कलाकार अपनी कामयाबी को भी खरीद सकता है? बादशाह पर यही आरोप लगा था।
झूठा रिकॉर्ड: बादशाह ने दावा किया कि उनके गाने पागल ने 24 घंटे में 75 मिलियन (7.5 करोड़) व्यूज पाकर दुनिया के सभी बड़े सिंगर्स को पीछे छोड़ दिया है। लेकिन गूगल और यूट्यूब ने इस रिकॉर्ड को मानने से साफ इनकार कर दिया।
फर्जी व्यूज का भंडाफोड़: मुंबई पुलिस ने जब फेक फॉलोअर्स और फेक व्यूज के घोटाले की जांच शुरू की, तो बादशाह का नाम सामने आया। खबरों के अनुसार, पूछताछ में बादशाह ने स्वीकार किया था कि उन्होंने व्यूज बढ़ाने के लिए विज्ञापनों (Google Ads) पर करोड़ों रुपये खर्च किए थे ताकि, वे खुद को दुनिया का नंबर वन सिंगर दिखा सकें।

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